इलाहबाद कुम्भ में भीड़ नियन्त्रण के लिए रेलवे ने कसी कमर

शशांक मिश्रा / इलाहाबाद | मेला के आगामी स्नान पर्वो पर श्रद्धालुओ की भारी भीड़ का अनुमान लगाते हुए प्रशासन ने आने वाले तीर्थयात्री पर्यटकों को स्नान के उपरान्त सकुशल वापस घर पहुंचा देने की व्यवस्थाओ का मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल के नेतृत्व में कड़े निरीक्षण के साथ जायजा लिया। इलाहाबाद प्रशासन, पुलिस प्रशासन और उत्तर मध्य रेलवे के प्रशासन ने एक साथ समन्वय बनाकर स्नान दिवसों में नगर और रेलवे स्टेशनों पर भीड़ नियन्त्रण की मजबूत रणनीती बनायी मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल के साथ एनसीआर के डीआरएम, आईजी रमित शर्मा, जिलाधिकारी सुहास एल.वाई., वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि की एक रणनीति बैठक डीआरएम कार्यालय में हुयी तथा उसके तत्काल बाद सभी अधिकारी अपने सहयोगी अधिकारियों के साथ देर तक इलाहाबाद जक्शन स्टेशन के बाहर सभी प्लेटफार्मों पर फुट ओवर ब्रिजों पर तथा रेलवे प्रशासन द्वारा जक्शन स्टेशन की सबसे ऊंची छत पर स्थापित किये गये कन्ट्रोल रूम पर जाकर निरीक्षण करते रहे। अधिकारियों ने रेलवे, प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने एक साथ बैठकर निरीक्षण के उपरान्त भीड़ के दबाब से निपटने की रणनीति निर्धारित की।

रेलवे के अधिकारियों के द्वारा मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल को यह जानकारी दी गयी कि 80 से अधिक कैमरों के द्वारा पूरे स्टेशन परिसर को कन्ट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है तथा पूरे स्टेशन परिसर में हर कोने पर कन्ट्रोल रूम से नजर रखने की व्यवस्था की गयी है। कन्ट्रोल रूम को ऊंचाई पर स्थापित करते हुए दूर से आने वाली भीड़ को सुरक्षित मार्गो से उनके गंतव्य गाडियों तक पहुंचाने तथा प्रतिक्षालयो मे रोकने की व्यवस्था का मुआयाना आईजी जोन, मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी तथा रेलवे के अधिकारियो के द्वारा एक साथ किया गया। सभी विभागों के अधिकारी अपनी सम्भावित समस्याओं को एक दूसरे से शेयर करते हुए एक समन्वियत समाधान तलाशने मे लगे रहे। प्रशासन के द्वारा एसडीएम स्तर के तीन अधिकारी केवल रेलवे स्टेशन पर तैनात कर रेलवे प्रशासन के अधिकारियो के साथ समन्वय बनाते हुए मेला क्षेत्र से रेलवे स्टेशन के बीच निरन्तर संवाद के माध्यम से भीड़ के दबाब पर नियंत्रण की व्यवस्था की गयी है।

मण्डलायुक्त ने प्रशासन के अधिकारियों से यह जोर देकर कहा कि इस कार्य में पदनाम के आधार पर नही बल्कि अनुभव और निर्णय लेने की क्षमता के आधार पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाय। स्टेशन के सभी हिस्सों को ध्वनि विस्तारक यंत्रो और माइक सिस्टम से जोड़कर समन्वय बनाते हुए पुलिस प्रशासन और रेलवे अधिकारियों के बीच निरन्तर संवाद बनाये रखने की रणनीति पर विचार किया गया। आवश्यकता के अनुसार रेलवे स्टेशन के दोनो निकास क्षेत्रों को तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर प्रयोग करने की रणनीति बनायी गयी। स्टेशन के दोनो तरफ यात्रियों के विश्राम के लिए अस्थाई रैन बसेरे भी निर्मित किये जा रहे है।