इलाहाबाद : खुले में शौच से होने वाली हानियो के प्रति लोगो को करे जागरुक

शशांक मिश्रा/इलाहाबाद | जिलाधिकारी संजय कुमार के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी सैमुअल पाल एन के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अन्तर्गत जनपद इलाहाबाद को ओडीएफ बनाने हेतु सम्पूर्ण स्वच्छता विद्या पर आधारित समुदाय का व्यवहार परिवर्तन करने हेतु पांच दिवसीय 75 स्वच्छाग्राहियों का प्रशिक्षण सत्र 25 जुलाई से 29 जुलाई तक राही इलावर्त होटल सिविल लाइन्स के हाल में सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण सत्र का शुभारम्भ 25 जुलाई 2017 को उप निदेशक पंचायत इलाहाबाद मण्डल बी.बी. सिंह ने किया। सत्र के दूसरे दिन प्रतिभागियों को सीएलटीएस गतिविधि के अन्तर्गत ग्रामवासियों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिये ट्रिगरिगं की कला सिखायी गयी। विकास खण्ड कौड़िहार के हथिगहां में सभी 75 प्रतिभागियों को ले जाकर ट्रिगरिंग की कला व्यवहारिक रूप मे सिखायी गयी। तीसरे दिन विकास खण्ड बहरिया, बहादुरपुर, सोरांव तथा कौड़िहार विकास खण्डों के विभिन्न ग्रामों में ले जाकर सभी प्रतिभागियों को 14 समूहों में बांटकर ट्रिगरिंग करायी गयी तथा सुबह 4 बजे से मार्निंग फालोअप करते हुए लोगों को खुले में शौच करने से मना किया गया और सक्षी ग्रामवासियों को खुले में शौच न करने हेतु प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण सत्र के अन्तिम एवं पांचवे दिन का शुभारम्भ मुख्य विकास अधिकारी ने दीव प्रज्वलन कर किया। सभी प्रतिभागियों द्वारा पांच दिन में सीखे गये ज्ञान का परीक्षण भी किया गया। चुन गये प्रतिभागियों से उनकी ट्रिगरिंग की क्षमता का आंकलन मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मौके पर किया गया साथ ही मुख्य विकास अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों का आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के उपरान्त गांव में पहुंचकर लोगों को खुले में शौच न करने के लिए प्रेरित करें तथा खुले में शौच करने से होने वाली हानियों से लोगो को आगाह करे और खुल मे शौच बन्द होने पर उसके लाभ से भी लोगों को अवगत कराये।
प्रशिक्षण सत्र को स्टेट रिसोर्स ग्रुप के सदस्यों गौरव श्रीवास्तव,  रामदुलारी यादव,  रीता श्रीवास्तव, नितेश कुमार एवं जिला समन्वयक रजनीश पाल एवं बलबीर यादव एवं जिला स्वच्छता प्रेरक एन्जेलिना के द्वारा पूरे पांच दिन स्वच्छता एवं शौचालय निर्माण की सभी भौतिक एवं तकनीकी बारिकियों को बताया गया तथा ट्रिगरिंग की कला भी सिखायी गयी। प्रशिक्षण के अन्त में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा वितरित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को तीन-तीन सौ रूपये यात्रा भत्ता के रूप में भी नकद के रूप में वितरित किया गया।