इलाहाबाद : दिसम्बर तक खुले में शौच, राजस्ववादों और भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त होगा मंडल

शशांक/ इलाहाबाद | इलाहाबाद मण्डल के सभी जनपदों मेें फसली ऋण मोचन योजना, खुले में शौच से मुक्त, भूमाफिया पर अंकुश, राजस्ववादों के निस्तारण और बेसिक शिक्षा के कार्याें में प्रगति को लगातार रफ्तार मिल रही है। इसका एक नमूना इस रूप में देखने को मिला कि केवल दो महीने में पूरे मण्डल के 6500 से अधिक धारा-34 के लम्बित प्रकरण निस्तारित हो गये। जिसके परिणाम स्वरूप तहसील दिवसों में प्राप्त होेने वाली जन शिकायतों में उल्लेखनीय कमी दिखायी दी है। यह जानकारी मण्डलायुक्त डाॅ0 आशीष कुमार गोयल द्वारा उस समीक्षा बैठक में सामने आयी जिसमें वीडिओ कान्फ्रेसिंग के जरिये मण्डल के सभी जिलाधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों के वे पेंच कस रहे थे। मण्डलायुक्त की यह दूसरी वीडिओ कान्फ्रेसिंग समीक्षा बैठक थी। जिसमें विकास एवं कानून व्यवस्था के सभी प्रमुख मुद्दों पर अपीन एक माह पूर्व के निर्देशों पर अमल का जायजा ले रहे थे। इस समीक्षा में जहां लम्बित मामलों के निस्तारण पर प्रगति के लिये अधिकारियों को उन्होंने उत्साहित किया वहीं भूमाफिया प्रकरण पर कार्यवाही में शिथिलता के लिये प्रतापगढ़ के एडीएम का स्पष्टीकरण तलब कर लिया।
मण्डलायुक्त ने मण्डल के सभी जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों, राजस्व अधिकारियों से उनके द्वारा प्रस्तुत आकड़ों की समीक्षा में ऋण मोचन योजना के प्रमाण पत्र दिये जाने की तैयारी, मण्डल को ओडीएफ किये जाने के लक्ष्य की प्रगति, भूमाफिया पर कार्यवाही आदि मसलों पर विस्तार से चर्चा कर रहे थे। बिल्कुल जमीनी जरूरतों से जुड़कर सभी कार्यक्रमों को संचालित करते हुये उन्हें सफल बनाने के निर्देश दिये। ऋण माफी योजना के प्रमाण पत्र आगामी 05 सितम्बर से वितरित किये जाने हैं। इसके लिये सभी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारियों को किसानों की सुविधाओं संबन्धी व्यवस्था का व्यापक इंतेजाम करलें। इस कार्यक्रम में किसानों के लिये पानी, जल पान, एम्बुलेन्स, बरसात व धूप से बचाव आदि की सुचारू व्यवस्था की जाय तथा यह भी ध्यान रखा जाय कि इस आयोजन में अधिकतम वे ही किसान उपस्थित हों जिन्हें प्रमाण पत्र वितरित किये जाने हैं। साथ ही किसानों की अपत्तियां सुनने के लिये एक शिकायत डेक्स भी हर आयोजन केन्द्र पर अवश्य बनाया जाय।
समीक्षा के दौरान प्रतापगढ़ के एडीएम का स्पष्टीकरण मांगते हुये उन्होंने निर्देश दिये कि इन मामलों में ढ़िलायी पाये जाने पर सीधे एसडीएम तथा लेखपाल के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। मण्डलायुक्त ने स्कूलों में जलापूर्ति तथा शौचालयों में निरंतर रनिंग वाटर सप्लाई पर जोर देते हुये कहा कि स्कूलों को माॅडल स्कूलों के रूप में विकसित किया जाना है, ताकि साथ-साथ स्कूलों में पढ़ायी, खेल और बच्चों के मानसिक विकास का माहौल तैयार किया जा सके।