इलाहाबाद में दलित छात्र की हत्या से भारी आक्रोश, छात्र राजनीति में उबाल, हत्यारों को फांसी की मांग

इलाहाबाद | दलित छात्र की बर्बतापूर्वक पिटाई से की गई हत्या के खिलाफ इलाहबाद सहित प्रदेशभर की छात्र राजनीति गर्मा गयी है | जगह जगह विरोध प्रदर्शन किये जा रहे हैं और सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है | सोमवार को दिनभर इलाहाबाद में घटना के विरोध में प्रदर्शन हुआ और छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला | छात्रों ने शहर के कई हिस्सों में कैंडल मार्च निकाला। सीएमपी डिग्री कॉलेज में कक्षाएं बंद करा दी गईं। छात्रों ने सभी हत्यारोपियों को तत्काल गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते एडीसी में मंगलवार को भी छुट्टी घोषित कर दी गई है। सोमवार सुबह एडीसी के कीडगंज परिसर में शोक सभा की गई और इसके बाद अवकाश घोषित कर दिया गया। बवाल की आशंका को देखते हुए वहां सुबह से ही भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई थी। साथ ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगा दी गईं थीं। एडीसी के साथ विश्वविद्यालय परिसर और अन्य संघटक कॉलेजों के बाहर भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।

सीएमपी डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष ऋषभ यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का पुतला फूंका गया और इसके बाद कक्षाओं का संचालन बंद करा दिया गया। इस दौरान छात्र नेता प्रखर यादव, निवेश यादव, आदित्य सिंह, सौम्या, शिवानी शुक्ला, शिवम दत्त त्रिपाठी, राहुल पटेल आदि मौजूद रहे। वहीं, एडीसी छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक तिवारी के नेतृत्व में शाम को कीडगंज चौराहा से कॉलेज परिसर तक कैंडल मार्च निकालकर सभी हत्यारोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। इससे पूर्व सुबह एडीसी में छात्र नेता प्रफुल्ल देव शुक्ला के नेतृत्व में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। छात्रों ने नम आंखों से अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि विभाग में डीन प्रो. आरके चौबे के नेतृत्व में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में दो मिनट का मौन रखकर छात्रों ने शोक व्यक्त किया।

बड़ी संख्या में छात्रों ने डीएम और एसएसी दफ्तर का घेराव किया। छात्रों के साथ बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं अन्य वर्ग के लोग भी उनके आंदोलन में शामिल हुए। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए दोनों दफ्तरों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए थे। छात्रों ने डीएम और एसएसपी को ज्ञापन देकर कहा कि 24 घंटे के भीतर सभी हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो छात्र उग्र आंदोलन करेंगे। छात्रों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के साथ मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर तत्काल फांसी दिए जाने और मृतक छात्र दिलीप के परिजनों को 50 लाख मुआवजा एवं परिसर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की। छात्रों ने यह मांग भी की कि एससी-एसटी आयोग की ओर से भी छात्र के परिजनों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए। घेराव करने वालों में इविवि छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश कुमार यादव, उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चौधरी, पूर्व अध्यक्ष अजीत यादव, पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा, विवेकानंद पाठक, अंकुश यादव, सुनील मौर्य, अजीत यादव विधायक, सत्यम, अनुराग आदि मौजूद रहे।