इलाहबाद : सीएम योगी ने हेलीकाप्टर से देखीं संगम पर व्यवस्थाएं

शशांक मिश्रा/ इलाहाबाद | मुख्यमंत्री के कार्यक्रम मे स्वच्छता का मुद्दा सर्वाधिक महत्वपूर्ण रहा तथा मुख्यमंत्री सहित कई वक्ताओं ने मेले में इस बार की गयी व्यापक सफाई व्यवस्था की सराहना की। कई प्रमुख वक्ताओं ने इस वर्ष माघ मेले की व्यवस्थाओं को लघु कुम्भ की संज्ञा देते हुए शौचालय, कचरा प्रबंधन तथा पर्यावरण के प्रति सजगता की सराहना की।

महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि अब तक के इतिहास में पहली बार माघ मेले की सफाई की ऐसी व्यापक व्यवस्था की गयी है कि मेला क्षेत्र खुले मे शौच और दुर्गन्ध से मुक्त दिख रहा है। मेला क्षेत्र में स्वच्छता की व्यवस्था को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि इससे पूर्व की कई सरकारों ने मेले के अन्य व्यवस्थाओं के बीच गंगा यमुना तट और तीर्थराज प्रयाग को स्वच्छ रखने का मुद्दा छूट जाता था। वर्तमान सरकार ने पतिपावनी नदियो और तीर्थराज की भूमि को जिस प्रकार 2.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन एवं स्नान के बाद प्रस्थान मे भी मेला क्षेत्र को पूरी तरह से स्वच्छ रखने में बडी उपलब्धि है। इस बार माघ मेले मे सफाई और शौचालय की सराहना कई वक्ताओं सहित स्वयं मुख्यमंत्री ने की तथा यह उम्मीद जतायी कि माघ मेला 2018 मे स्वच्छता सम्बन्धी यह प्रयोग कुम्भ मेले में व्यापकता के साथ प्रयोग मे लाये जायेंगे तथा इस आयोजन को पूरी दुनिया के सामने मिशाल बनाकर प्रस्तुत करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम मे आने से पूर्व हेलीकाफ्टर से ही पूर्व मेला क्षेत्र की परिक्रमा की तथा जमीन पर उतरने के बाद गंगा जल से आचमन करने के लिए संगम तट तक गये वहां जाकर उन्होंने पतितपावन गंगा जल से आचमन किया तथा अपने ऊपर जल भी छिड़का। फिर गंगा मां और त्रिवेणी को प्रणाम करते हुए मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल तक आ गये। संगम तट पर भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वच्छता सम्बन्धी व्यवस्था को गौर से देखा तथा सेक्टर 1 मे कुम्भ की तरज पर की जाने वाली सफाई व्यवस्थाओं एवं चिकित्सा व्यवस्था और पर्यटन विश्राम इत्यादि की जानकारी ली। इस अवतसर पर ठोस कचरे के टासर्फर स्टेशन पर मुख्यमंत्री ने नये कचरा प्रबंधन प्रणाली के आधुनिक प्रयोगों की सराहना की।

यूपीएचएसपी की सलाहकार सलोनी गोयल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि स्वच्छता के यह प्रयोग तथा डस्टबिनों में कूडा एकत्र कर मेला क्षेत्र से बाहर कर दिये जाने की आधुनिक व्यवस्था स्नान के पीक दिनों में भी पूरी तरह कारगर साबित हुयी है। मुख्यमंत्री ने इस पर संतोष जताते हुते व्यवस्थाओं की सराहना की तथा वहां उपस्थित अधिकारियों से यह कहा कि स्वच्छता के पूरा प्रयोग को व्यापक रूप से कुम्भ आयोजन के पूरे क्षेत्र में संचालित किया जाय तथा यथासम्भव इस वर्ष माघ मेले में भी इसी तरह की व्यवस्थाये पूरी अवधि तक जारी रखी जाय।