इलाहाबाद : लोगो में जन-जागरूकता से ही उर्जा संरक्षण संभव -मुख्य विकास अधिकारी

शशांक मिश्रा/ इलाहाबाद | प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी सैमुअल पाल एन की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय ऊर्जा संरक्षण कार्यशाला आयोजित की गयी। यह कार्यशाला के आयोजक उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीनकरणीय ऊर्जा एवं अभिकरण (यूपीनेडा) थे। इस कार्यशाला में परियोजना अधिकारी नेडा राजमणि पाण्डेय, नेडा मुख्यालय लखनऊ के एनर्जी कन्सलेंटेट आशीष रंजन, डीएसटीओ राजेश सिंह, अवर अभियन्ता मो. शाबिद, राकेश श्रीवास्तव के साथ विभिन्न स्कूलों के लगभग 100 से अधिक प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं छात्र एवं छात्राये उपस्थित थे।

प्रभारी जिलाधिकारी ने अपने सारग्रवभित सम्बोधन में स्कूली बच्चों को ऊर्जा परिदृश्य को रेखांकित करते हुए परपरागंत ऊर्जा स्त्रोतों के दुस्प्रभावों से बचते हुए ग्रीन एनर्जी एवं क्लीन एनर्जी को बढावा देने हेतु सौर ऊर्जा के अधिकतम प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने उपस्थित स्कूली बच्चो से भी ऊर्जा संरक्षण पर सवाल करते हुए उन्हें ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक रहकर ऊर्जा संरक्षण में अपना सहयोग प्रदान करने को कहा तथा ऊर्जा संरक्षण के लिए आयोजित हो रही प्रतियोगिताओं में बढ़ चढ कर भाग लेने का आवाहन किया।

ऊर्जा संरक्षण पर आयोजित इस कार्यशाला में उपस्थित लोगों को पॉवर प्रेजेटेंशन के माध्यम से ऊर्जा संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों को ऊर्जा संरक्षण किस तरह छोटी-छोटी चीजो को करने से किया जा सकता है इस पर विस्तार से बताया गया। इसमें उपस्थित स्कूली बच्चों से भी ऊर्जा संरक्षण पर उनकी राय एवं उनके सवालों के जवाब भी दिये गये।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीनकरणीय ऊर्जा एवं अभिकरण (यूपीनेडा) उत्तर प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण एवं नवीनीकरण ऊर्जा के प्रचार-प्रसार हेतु नोडल एजेंसी है। ऊर्जा संरक्षण के संबंध में जागरूकता उत्पन्न कराये जाने हेतु पूरे देश में ब्यूरों ऑफ एनर्जी इफिसिएन्सी द्वारा चित्रकारी प्रतियोगिता स्कूली बच्चों के मध्य करायी जा रही है। जिसकी अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2017 तक नियत की गयी है जिसमें कक्षा चार से छह तक, सात से नौ तक के कक्षा के वर्गो के बच्चों का दो वर्गो में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी। गत वर्ष 2016 में प्रदेश के 25 लाख से अधिक स्कूली बच्चों ने इस चित्रकला में भाग ने प्रतिभाग किया था जिसके फलस्वरूप प्रदेश को पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। विगत वर्षों में इलाहाबाद में तीन लाख प्रतियोगियों के साथ जनपद प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर रहा।
उर्जा संरक्षण की महत्ता को स्कूली बच्चों के मानस पटल पर प्रभावी रूप से अंकित करने हेतु एक जागरूकता अभियान चलाए जाने हेतु www.upsavesenergy.com प्रारम्भ की गयी है। इस वेबसाइट पर वर्ष 2016 में दो लाख से अधिक छात्रो ने पंजीकरण किया है तथा वर्ष 2017 में वेबसाइट को मॉडीफाई करते हुए पुनः पंजीकरण कराया जायेगा। विभिन्न डिस्काम के माध्यम से प्रदेश में माह जून 2017 तक 1,88,00,000 एलईडी लाईटे, 1,47,000 ट्यूबलाइट एवं 62,000 फाइव स्टार रेटेड सीलिंग फैन वितरित किये जा चुके है जिससे लगभग 2 मिलियन टन कार्बन डाई आक्साईड उत्सर्जन में कमी आयेगी। वर्तमान में स्कूली एवं स्कूली छात्रों को उक्त वेबसाइट पर प्रेरित करके पंजीकरण की कार्रवाही की जा रही है। यह पंजीकरण की प्रतियोगिता आनलाईन 15 नवम्बर 2017 तक जारी रहेगी। परियोजना अधिकारी द्वारा उक्त जानकारी देते हुए बताया गया कि स्कूलो के प्रधानाचार्यो एवं विद्यार्थियों से अधिकतम पंजीकरण का आवाहन किया गया।

नेडा मुख्यालय लखनऊ के एनर्जी कन्सलेंटेट आशीष रंजन ने कार्यशाला में लोगों को बताया गया कि सीमित स्त्रोत तथा अधिक मांग के कारण ऊर्जा को बचाने की अत्यंत आवश्यकता है। ऊर्जा बचत का मतलब कटौती करना नहीं बल्कि कम ऊर्जा खपत वाले आधुनिक ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करने ऊर्जा की खपत में कमी करना है। उपस्थित स्कूली बच्चों को बताया गया कि आवश्यकता ने होने पर विद्युत उपकरणों के स्विचों को बन्द रखे तथा साधारण लैम्पों की जगह एलईडी का प्रयोग करे जिससे 75 प्रतिशत तक विद्युत ऊर्जा की बचत की जा सकती है।