UP से बड़ी खबर : 12वीं तक के सभी स्कूल 10 मई तक बंद, ऑनलाइन क्लास भी नहीं होंगी

लखनऊ | उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूलों में 10 मई तक छुट्टी रखने के आदेश जारी किया है। इस दौरान कोचिंग संस्थाएं भी बंद रहेंगी। वहीं ऑनलाइन कक्षाएं भी स्थगित रखी जाएंगी। साथ ही आदेश में शुक्रवार रात आठ बजे से मंगलवार सुबह सात बजे तक के साप्ताहिक कोरोना कर्फ्यू को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश में कहा गया है कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान औद्योगिक गतिविधियां यथावत संचालित होती रहें। टीकाकरण के लिए आवागमन करने वालों को भी छूट दी जाएगी। इसके अलावा केवल आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। आवश्यकतानुसार पास जारी किया जा सकता है। मरीजों के परिजनों को हर दिन उनके मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी जरूर दी जाए। सभी सरकारी और निजी अस्पताल में यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू की जाए। मुख्य सचिव कार्यालय इस व्यवस्था की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री योगी ने कोरोना नियंत्रण टीम के साथ बैठक में कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति और बेहतर किए जाने की आवश्यकता है। लागातर प्रयासों से आज प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन की उपलब्धता कराई जा रही है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी जैसे अधिक संक्रमण वाले जिलों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आगरा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसी प्रकार, बलिया, चंदौली, अमरोहा, बिजनौर, लखीमपुर, बहराइच जैसे जिलों की ओर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। इन्हें संबंधित मंडलों से आपूर्ति कराई जाए।

ऑक्सीजन के संतुलित उपयोग के दृष्टिगत ऑक्सीजन ऑडिट की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आपूर्ति-वितरण के संबंध में आगे की कार्यवाही की जाए। किसी भी मेडिकल कॉलेज/अस्पताल में ऑक्सीजन का अनावश्यक उपयोग न हो। अब पश्चिम बंगाल के तीन क्षेत्रों और जमशेदपुर से भी आपूर्ति हो रही है। दो नई ऑक्सीजन रेल संचालित की जा रही है। उद्योग जगत से भी सहयोग प्राप्त हो रहा है।
ऑक्सीजन टैंकरों की उपलब्धता बढ़ाये जाने के लिए सभी प्रयास किये जा रहे हैं। विदेश से भी टैंकरों की आपूर्ति है। उद्योग जगत से भी सहयोग मिल रहा है। ऐसे में आपूर्ति के लिए टैंकरों की संख्या भी बढ़ी है। सभी ऑक्सीजन टैंकर जीपीएस से लैस रहें। उनकी लाइव मॉनिटरिंग की जाए। कोविड कार्य में आवश्यकता के अनुसार मानव संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। मेडिकल/नर्सिंग/फार्मेसी के अंतिम वर्ष के छात्रों का सहयोग लिया जाए। एक्स आर्मी मैन, सेवानिवृत्त मेडिकल स्टाफ की सेवाएं ली जानी चाहिए।