किसानो के समर्थन में सड़क पर उतरीं अलका लांबा, डांडी मार्च मूर्ति से 31 किमी पैदल चलकर पहुँच रहीं सिंधु बॉर्डर, वीडियो हुआ वायरल

नई दिल्ली | मोदी सरकार द्वारा बनाये गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानो ने आज भारत बंद का आव्हान किया है | किसानो के समर्थन में देश के तमाम सियासी दलों, सामाजिक संगठनों ने भी भारत बंद का समर्थन कर अन्नदाता की आवाज उठाई है | कांग्रेस ने भी किसानो का समर्थन कर मोदी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की है | वहीँ, कांग्रेस की प्रवक्ता और चर्चित नेता अलका लांबा ने बड़ा निर्णय लेते हुए किसानो के समर्थन में पैदल यात्रा शुरू की है | अलका लांबा ने दिल्ली में डंडी मूर्ति से मंगलवार तड़के किसानो के समर्थन में पैदल यात्रा शुरू की है जो सिंधु बॉर्डर तक जारी रहेगी | अलका लांबा की यह पैदल यात्रा 31 किलोमीटर की है | सोशल मीडिया पर अलका लांबा का यह कदम वायरल हो रहा है |

अलका लांबा ने ट्वविटर पर यात्रा शुरू करते हुए लिखा कि- किसानों की माँगों के समर्थन में पैदल यात्रा कर सिंधु बोर्डर पर पहुँचते हुए…

इससे पहले अलका लांबा ने भाजपा और आरएसएस पर हमला बोलते हुए लिखा कि- इन संघी-भाजपाइयों- अंध भक्तों के लिए पहले #CAA के ख़िलाफ़ आंदोलन देश विरोधी आंदोलन था,
फ़िर #हाथरस में इन्हें अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र दिखने लगा, और अब इनके लिए शांतिपूर्ण #किसान आंदोलन भी देश विरोधी हो गया, राष्ट्र-भक्त तो बस ये चड्डीधारी संघी ही रह गए हैं.

थाने से आये फ़ोन पर प्रतिक्रिया देते हुए अलका लांबा ने ट्वीट किया कि- चाणक्य पूरी थाने से फोन आया, पूछा कल का आपका क्या कार्यक्रम है ? किसी तरह का कोई बदलाव ? जवाब : बिल्कुल कोई बदलाव नहीं,किसानों के समर्थन में #8दिसम्बर, मंगलवार, सुबह 6 बजे डांडीमार्च मूर्ति से सिंधु बोर्डर तक 31Km का सफ़र 7 घन्टों में पूरा कर किसानों के बीच पहुँचूगी

वहीँ एक अन्य ट्ववीट में अलका लांबा ने कहा कि- अडानी अम्बानी को मनाने की कोशिश तेज़ हुईं.. अडानी अम्बानी का जबाव : बिल है तो सत्ता है. किसानों का भी दो टूक जवाब अब बिल रहेगा या सरकार.