अलीगढ मेयर चुनाव : सपा को जमानत बचाने की हो रही चिंता, गुटबाजी रही हावी

अलीगढ । मेयर चुनाव के मुकाबले से समाजवादी पार्टी को लोग पहले ही बाहर मान चुके हैं लेकिन अब सपा की जमानत जब्त होगी या बचेगी इसको लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है । सूत्र तो यह भी बताते हैं कि सपा की जमानत को लेकर करोड़ो का सट्टा भी लग चुका है । परिणाम का बेसब्री से सटोरिये इंतजार कर रहे हैं ।

बताते चलें कि समाजवादी पार्टी ने मेयर चुनाव में मुजाहिद किदवई को प्रत्याशी बनाया है । जबकि बसपा के मो फुरकान पहले से ही मुस्लिम प्रत्याशी थे । यादव वोट की संख्या बहुत कम होने से सपा को लड़ाई से बाहर मान लिया गया था । मुस्लिमो ने एकतरफा बसपा के मो फुरकान को ही समर्थन और वोट किया है । मार्च के माह से पहले आप के जिले में चार विधायक थे और शहर व कोल विधानसभा पर भी सपा का ही कब्जा था । पूर्व विधायक ज़मीरुल्लाह ने बसपा के दामन थाम लिया तो माना जा रहा था कि मुस्लिम बसपा की ओर जाएगा । मेयर चुनाव में हुआ भी यही और शहर में दलित-मुस्लिम गठजोड़ को लोगो ने स्वीकारा है ।

समाजवादी पार्टी में गुटबाजी भी हावी रही और खुद मेयर प्रत्याशी ने कई बड़े नेताओं पर चुनाव नही लड़ाने की शिकायत हाईकमान से की । शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर जिले के नेता सक्रिय हुए । अब सपाइयों के खेमे में भी मतदान के परिणाम में सपा की जमानत बचने या जब्त होने की चर्चाएं आम हैं। अब देखना यह है कि सपा मेयर चुनावो के परिणाम में क्या गुल खिलाती है ?