200 करोड़ के ठग को अलीगढ RLD जिलाध्यक्ष का था आशीर्वाद, फंसने के डर से झाड़ा पल्ला, फोटो बयां कर रहे हकीकत

अलीगढ | रालोद नेता के सैंकड़ो करोड़ की ठगी में गिरफ्तार होने के बाद अब उसके सरपरस्तों की तलाश तेज हो गयी है | महाराष्ट्र पुलिस से लेकर अलीगढ पुलिस तक ठग के राजनैतिक और आर्थिक कनेक्शन तलाश रही है | अलीगढ राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व जिलाध्यक्ष रामबहादुर चौधरी का नाम रालोद नेता संजीव सूर्यवंशी को राजनैतिक शरण देने में सामने आ रहा है | सोशल मीडिया पर रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष रामबहादुर और रालोद मुखिया अजित सिंह तथा जयंत चौधरी के साथ फोटो वायरल हो रहे हैं | फंसने के डर से अब रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष ने संजीव से पल्ला झाड़ा है लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है |

रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष राम बहादुर चौधरी ने सैंकड़ों करोड़ की साइबर ठगी के मामले में पकड़े गए संजीव सूर्यवंशी से पल्ला झाड़ लिया है। रालोद से जुड़े सूत्र कहते हैं की संजीव को पार्टी में एंट्री कराने और इगलास विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिलाने वायदा करने का आश्वासन रामबहादुर चौधरी ने दिया था | फोटो सामने आते ही पूर्व जिलाध्यक्ष ने पत्र जारी करके अपना पक्ष रखा है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि संजीव सूर्यवंशी पार्टी में सक्रिय सदस्य नहीं था। न ही उसके पास पद था। वह पार्टी से जुड़ना चाहता था, लेकिन उसे कोई वरीयता नहीं दी गई। उसका रालोद से कोई सरोकार नहीं है।

वहीँ, संजीव और रामबहादुर के सोशल मीडिया पर सैंकड़ों फोटो से यह स्पष्ट है पूर्व जिलाध्यक्ष का ये बयान उन तस्वीरों से बिल्कुल अलग जिसमें वह सूर्यवंशी की मुलाकात रालोद मुखिया अजित सिंह और उनके बेटे जयंत चौधरी से करवाते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें वायरल हो रही हैं। सूर्यवंशी जिला पंचायत के साथ ही विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहा था | सूत्रों का यह कहना है कि रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष का सबसे करीबी संजीव था और उपचुनाव में भी टिकट दिलाने के लिए यदि छोटी के जोर उन्होंने लगाए थे | रालोद जिलाध्यक्ष और संजीव के ख़ास कनेक्शन की जांच तेज हो गयी है | माना जा रहा है कि फंसने के डर से अब रामबहादुर चौधरी पल्ला झाड़ रहे हैं |