अलीगढ़ पुलिस का बड़ा खुलासा, भाजपा नेता ने सुपारी देकर कराई थी व्यापारी की हत्या

अलीगढ़ | अलीगढ़ के कस्बा कौड़ियागंज के थोक खलचुनी व्यापारी व भाजपा बूथ अध्यक्ष राजेश वार्ष्णेय उर्फ बिंटू लाला (42) की हत्या व्यापारिक व प्लाट की रंजिश में भाजपा नेता कमल अग्रवाल ने कौड़ियागंज के ही अपराधी को सुपारी देकर कराई थी। यह खुलासा करते हुए पुलिस ने कमल अग्रवाल और एक शूटर को शनिवार को जेल भेज दिया, जबकि इस हत्याकांड में अभी कौड़ियागंज के अपराधी सहित आधा दर्जन शूटर फरार हैं। खास बात है कि हत्या से एक दिन पहले कमल अग्रवाल के ईंट भट्ठा पर बैठकर इस हत्या की प्लानिंग बनी और घटना के समय कमल व उनका भाई बार-बार शूटरों से फोन कर जानकारी ले रहे थे। हत्या के बाद शूटर राजेश के बेटे व भाई से कुल 2.30 लाख रुपये व दो मोबाइल लूटकर ले गए थे। अब पुलिस टीमें फरार अपराधियों व कमल अग्रवाल के भाई की तलाश में जुटी हुई हैं।

एसएसपी आकाश कुलहरि ने शनिवार को पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि कस्बे के ही निवासी भाजपा नेता कमल अग्रवाल की राजेश वार्ष्णेय से काफी पुरानी व्यापारिक प्रतिस्पर्द्धा थी। कुछ समय पहले एक प्लाट को लेकर भी दोनों आमने-सामने आ गए थे। इस विवाद ने इन दोनों के बीच रंजिश पैदा कर दी। जिसे लेकर कमल अग्रवाल ने राजेश को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।

इस योजना के तहत उन्होंने कस्बे के ही पुराने हिस्ट्रीशीटर अपराधी शाकिर उर्फ सक्का से संपर्क किया। पूछताछ में कमल ने स्वीकारा कि उसने राजेश की हत्या के लिए 6 लाख रुपए शाकिर को ऑफर किए थे। योजना के तहत 29 जून को कमल अग्रवाल के ईंट भट्ठे पर सभी की बैठक हुई। इस बैठक में कमल के अलावा उनका भाई धीरज, शाकिर व उसके साथ आए बरेली के चार-पांच अपराधी व दो स्थानीय अपराधी मौजूद रहे। योजना के तहत तय हुआ कि 30 जून रविवार को राजेश की तगादा करके लौटते समय हत्या की जाएगी। घटना में जो कार प्रयोग में लाई गई, वह एक फरार अपराधी के बुलंदशहर निवासी के ससुर की है। घटना के दिन सभी अपराधी अकराबाद में मौजूद थे। दिन में राजेश, अपने भाई प्रमोद व बेटे सौरभ संग तगादे पर निकले थे। उन्होंने प्रमोद को अकराबाद में ही छोड़ दिया था और पिता-पुत्र विजयगढ़ तक तगादा करने गए। वहां से वापसी में उन्होंने प्रमोद को फिर से गाड़ी में बैठाया। अकराबाद से कौड़ियागंज के लिए चलते ही काले रंग की अर्टिका उनके पीछे लग गई थी।

घटनास्थल पर जब घेरकर फायरिंग की तो पहली गोली से कार का शीशा टूटा और फिर दूसरी गोली सीधे राजेश की गर्दन पर सटाकर मारी गई। इसके बाद अपराधी सौरभ से रुपयों का बैग व उसके पिता व ताऊ का मोबाइल लेकर भाग गए। एसएसपी ने बताया कि पुलिस को गिरफ्तार आरोपी कमल अग्रवाल के मोबाइल से उसकी बातचीत की रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें वह शाकिर से हत्या को लेकर बातचीत कर रहा है, जबकि कमल के भाई धीरज के मोबाइल से घटना के वक्त लगातार शाकिर को फोन करके यह पूछा जा रहा था कि घटना हुई या नहीं। एसएसपी के अनुसार फिलहाल कमल अग्रवाल के अलावा हत्या में शामिल रहे बाइक सवार शूटर रफीक पुत्र जुम्मन खां निवासी तालसपुर देहली गेट को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना के समय रफीक बाइक पर पीछे से आया था और इसने ही पहली गोली चलाकर गाड़ी का शीशा तोड़ा था। बाकी की तलाश जारी है। सभी पर गैंगेस्टर आदि में कार्रवाई की जाएगी।

अब तक की जांच में पता चला है कि शाकिर ने बरेली के जिन अपराधियों को इस काम के लिए बुलाया था, उन पर भी बरेली में अपराध दर्ज हैं। पुलिस के पास फिलहाल फरार अपराधियों में कमल के भाई धीरज व शाकिर के नाम हैं। बाकी नाम शाकिर ही बताएगा। इस गिरफ्तारी टीम में एसओ अकराबाद सुनील सिंह के अलावा एसओजी इंचार्ज छोटेलाल, सर्विलांस इंचार्ज अभय शर्मा, राकेश, दुर्विजय आदि शामिल रहे।