अलीगढ़ पुलिस ने बुलडोजर के साथ किया फ्लैग मार्च, अग्निपथ का विरोध करने वालों को सख्त सन्देश

अलीगढ़। अग्निपथ योजना के विरोध में उपद्रव के बाद सोमवार को पुलिस सुबह से अलर्ट रही। युवाओं के भारत बंद के आह्वान पर पुलिस अफसरों का काफिला फोर्स के साथ दिन भर दौड़ता रहा। लेकिन दिल्ली जाने वाले युवा नहीं मिले। जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। कुछ क्षेत्रों में पुलिस फोर्स ने बुलडोजर लेकर फ़्लैग मार्च निकाला। उपद्रवियों के हौसले पस्त करने के लिए पुलिस फोर्स ने खैर कस्बे में बुलडोजर लेकर फ्लैग मार्च निकाला। मार्च में कई बुलडोजर शामिल किये। गोमत चौराहे पर कई बुलडोजर लगाकर पुलिस फोर्स ने वाहनों की चेकिंग की।

युवाओं ने शुक्रवार को एक्सप्रेस-वे और टप्पल-जट्टारी मार्ग बाधित कर वाहनों, पुलिस चौकी आदि में तोड़फोड़ व आगजनी की थी। उपद्रव में कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गये थे। मामले में पुलिस ने चार मुकदमे दर्ज कर उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए दस टीमों को लगा रखी हैं। जिनमें कुल 118 गिरफ्तारी हो चुकी हैं। पुलिस का गिरफ्तार अभियान अभी जारी है।

सोमवार को युवाओं ने भारत बंद कर दिल्ली चलों का आह्वान किया था। देश भर में युवाओं का यह इनपुट मिलने के बाद अलीगढ़ में सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई। सभी हाईवे से लेकर टोल प्लाजा पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अफसरों का काफिला सुबह से शाम तक इनपुट के आधार पर दौड़ता रहा। लेकिन शाम तक कोई युवा दिल्ली जाने वाले नहीं दिखायी दिये। डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसएसपी कलानिधि नैथानी एसपी देहात व एसपी सिटी के साथ शहर व ग्रामीण क्षेत्रों का दिन भर भ्रमण करते रहे। हर चौराहें पर युवाओं की बारीकी से चेकिंग की गई। मोबाइल आदि चेक कर कई को हिरासत में भी लिया गया।

10 से ज्यादा संदिग्ध उठाए, जेल भेजने की तैयारी-
पुलिस ने कई संदिग्धों को सोमवार को भी पूछताछ के लिए उठाया है। उनको पूछताछ के बाद जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले पुलिस की ओर से 118 युवाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें नौ कोचिंग संचालक भी शामिल है।

अधिकारियों ने सुबह से ही किया गांवों में संवाद-
डीएम और एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों ने सोमवार को सुबह ही ही खेरेश्वर, लोधा, खैर, जट्टारी व टप्पल पहुंचकर कई गांवों में दस्तक की और ग्रामीणों से संवाद किया। अभिभावकों से कहा गया कि वह अपने युवाओं को घरों के अंदर ही रखें। किसी के बहकावे में न आएं। अन्यथा उनके लाड़लों का जीवन कानूनी कार्रवाई में फंसकर खराब हो सकता है।