Aligarh #Encounter : #AMU छात्र नेताओं ने नही किया अपहरण, मृतकों की माँ ने पीएम मोदी से लगाई इंसाफ की गुहार, CBI जांच की मांग

नई दिल्ली । अलीगढ़ में यूपी पुलिस को मीडिया को कॉल करके लाइव एनकाउंटर करना विवादों में बना हुआ है। जहां एक ओर पुलिस एनकाउंटर को सही बता रही है और मृतकों की क्रिमिनल हिस्ट्री पेश कर रही है तो वहीं मृतको की माँ यूपी पुलिस की थ्योरी को फर्जी बता रही है और अपने बेटों के निर्दोष होने का दावा कर रही हैं । इतना ही नही वह अलीगढ़ पुलिस की अबतक की थ्योरी को मनगढंत कहानी बता रही है और इंसाफ की गुहार लगा रही है । शनिवार को मृतक नौशाद की माँ शाहीन और मुस्तकीम की माँ शबाना ने प्रेस क्लब में मीडिया से वार्ता कर अपनी बात रखी और पीएम मोदी से इंसाफ मांगा । अलीगढ़ से उनके साथ अमुवि के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष फैजुल हसन, मशकूर अहमद उस्मानी भी थे । वहीं नफरत के खिलाफ मुहिम छेडे हुए दिल्ली से यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के सामाजिक कार्यकर्ता नदीम खान, जेएनयू के उमर खालिद और देश के वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत टण्डन भी थे ।
एनकाउंटर में मारे गए नौशाद की माँ शाहीन ने मीडिया को बताया कि एनकाउंटर से 5 दिन पहले पुलिस ने उनके बेटे को घर से उठाया था और पांच दिन बाद मार दिया । शाहीन ने रोते-बिलखते हुए कहा कि उसका बेटा कभी जेल नही गया, मजदूरी करता था, लेकिन पुलिस ने झूठे केस लगाकर मार दिया । उसने कहा कि पुलिस उसके परिवार को परेशान कर रही है, उन्हें किसी से मिलने नही दे रही, कानूनी कार्यवाही नही करने दे रही है । उसने यह भी कहा कि वह अपनी मर्जी से दिल्ली इंसाफ की गुहार लगाने आई है लेकिन पुलिस ने उसके बेटी से अंगूठा लगवाकर झूठी रिपोर्ट दर्ज करा ली है । उसने कहा कि वह मोदी जी से इंसाफ चाहती है, उसका बेटा बेकसूर है, पुलिस के खिलाफ कार्यवाही चाहती है । उसने यह भी कहा कि उसकी बेटी हिना को पुलिस ने बंधक बनाया हुआ है, उसे निकलवा दिया जाए ।
एनकाउंटर के मारे गए दूसरे युवक मुस्तकीम की मां शबाना ने बताया कि पुलिस ने उसके बेटे मुस्तकीम को 5 दिन पहले उठाया और मार दिया, साथ ही एक बेटे सलमान को झूठे केस लगाकर जेल भेज दिया । उसने कहा कि उसकी बहू और मुस्तकीम की पत्नी हिना को पुलिस ने अतरौली में मकान मालिक हाजी इमरान की मिलीभगत से बंधक बना रखा है, उसके छुड़वाया जाए । उसने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने फर्जी तरीके से उसके बेटे को मारा है, गरीब हैं इसलिए मारा है । शबाना ने कहा कि हमे इंसाफ की आवाज नही उठाने दे रहे, किसी से मिलने नही दे रहे क्या हम इंसाफ नही मांग सकते ? क्या मोदी जी हमे इंसाफ नही देंगे ? शबाना ने पुलिस पर कार्यवाही की भी मांग की ।

वहीं दोनों ने अलीगढ़ पुलिस द्वारा अमुवि छात्रनेताओं पर हिना को सहारा लेकर उन्हें किडनेप करने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करने को गलत बताया और कहा की वह अपनी मर्जी से आई हैं ।

अमुवि के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा कि अलीगढ़ पुलिस ने एनकाउंटर नहीं हत्या की है, मनगढंत कहानी बनाकर निर्दोष लोगों को मारा है, इसकी जांच होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि एसएसपी अजय साहनी मनमानी कर रहे हैं, मृतको के परिवार को नजरबंद करा रखा है ताकि वह अपनी आवाज न उठा सके । उन्होंने एनकाउंटर की सीबीआई जांच कराने की मांग की । उन्होंने यह भी कहा कि वह इंसाफ की लड़ाई में चुप नही बैठेंगे ।
जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद ने कहा कि योगीराज में थाने बजरंग दल के लोग चला रहे हैं, पुलिस उनके एजेंट के रूप में कार्य कर रही है । उन्होंने कहा कि योगी सरकार नफरत फैलाकर, मुस्लिमो की हत्या कर मुद्दों से भटका रही है । उमर ने एनकाउंटर की जांच हाईकोर्ट के किसी वर्तमान जज से कराने की मांग रखी ।

बताते चलें कि अलीगढ़ के हरदुआगंज थाना क्षेत्र में 20 सितंबर को तड़के सुबह ही मीडिया को कॉल करके लाइव एनकाउंटर पुलिस ने किया था जिससे देशभर में सवाल खड़े हुए थे । मृतको के परिवार ने अलीगढ़ पुलिस पर घर से उठाकर युवकों की हत्या करने का आरोप लगाया है । सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मृतको के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए मानवाधिकार आयोग और सुप्रीमकोर्ट तक आवाज़ उठाने का निर्णय लिया है ।