AMU के छात्रों ने CAB के विरोध में खाना पीना छोड़ा, कैंपस को लेकर प्रशासन में हाई अलर्ट

अलीगढ | नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में एएमयू (#AMU #Aligarh ) में बुधवार को विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। विरोध में छात्राएं भी शामिल हुईं। छात्रों ने दोपहर से देर शाम तक बाब ए सैयद गेट पर धरना दिया, जिसमें जेएनयू के छात्र नेता भी पहुंचे और उन्होंने इस संघर्ष को दूसरे स्वतंत्रता संग्राम का नाम देते हुए इसमें शामिल होने की अपील की।

छात्रों ने डायनिंग का बहिष्कार किया और बना हुआ खाना गरीबों में बंटवा दिया। इसके साथ ही बाब ए सैयद पर धरना दिया। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा और केंद्र सरकार विरोधी नारेबाजी की। साथ ही बिल को वापस लेने की मांग की। छात्रों के रुख को देखते हुए यूनिवर्सिटी सर्किल पर बड़ी संख्या में फोर्स की तैनाती रही। देर शाम बाब ए सैयद गेट पर धरना समाप्त कर दिया गया। बृहस्पतिवार को आगे की रणनीति पर विचार करने के लिए छात्र एक बार फिर से इकट्ठा होंगे।

25 हजार छात्रों ने डाइनिंग का बहिष्कार किया-
अलीगढ़। एएमयू में 19 आवासीय हालों में खाना नहीं बना। जहां पर थोड़ा बहुत खाना बना भी उसे गरीबों में बाट दिया। छात्रों ने एक ई रिक्शा पर बैनर लगाया जिस पर लिखा हुआ था कि एएमयू के छात्र भूख हड़ताल पर हैं। डाइनिंग हाल का खाना हम गरीबों में बांट रहे हैं। नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में हम खाने का बहिष्कार कर दिया गया है। एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा कि अभी जमीर जिंदा है। अभी मरे नहीं हैं। हमें इस हद तक मजबूर करने के लिए अमित शाह एंड कंपनी को बहुत बहुत मुबारक हो। 25 हजार छात्रों ने डाइनिंग का बहिष्कार किया है। लड़ेंगे।

बुधवार को दोपहर को छात्र बाब ए सैयद गेट पर इकट्ठा होना शुरू हुए। उनके हाथों में बिल के विरोध में लिखे पोस्टर, बैनर आदि थे। सूचना पर प्रोक्टर प्रो. अफीफउल्लाह, डॉ. नवेद आदि के साथ पूरी टीम पहुंच गई। यहां पर छात्रों के साथ छात्राओं ने भी विरोध प्रदर्शन और धरने में भाग लिया। वक्ताओं ने भाजपा और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नागरिकता संशोधन बिल के संभावित खतरों से आगाह कराया। वक्ताओं का कहना था कि यह बिल मुसलमानों को निशाना बना कर बनाया गया है। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में छात्र बाब ए सैयद के गेट पर बैनर आदि लेकर बैठ गए। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी दिल्ली से धरने पर वहां के छात्र नेता शरजील इमाम, आफरीन फातिमा, जितेंद्र सूना, सुहेब पीवी सहित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से शोध कर रहे और एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल्ला आजम ने धरने को संबोधित किया। सभी छात्र नेताओं ने इन्हें जनसंहार करार देते हुए दूसरे स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने का आह्वान किया।

प्रशासन सतर्क-
एएमयू में बिल के विरोध को देखते हुए शहर में भी फोर्स बेहद सतर्क रही। शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर देहात से फोर्स बुला कर शहर में तैनात किया गया। इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स सहित प्रशासनिक अधिकारियों की भी तैनाती रही। इसके अलावा यूनिवर्सिटी सर्किल, अब्दुल्ला कालेज, डिग्गी चौराहा, तस्वीर महल पर भी पुलिस के साथ साथ रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती रही। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी पूरी तरह मुस्तैद रहे। क्योंकि मंगलवार की रात छात्रों का सैलाब यूनिवर्सिटी सर्किल तक आ गया था। उस दौरान पुलिस फोर्स कम था।