अलीगढ में जिला जज और वकीलों में रिपोर्ट को लेकर विवाद, दीवानी का किया बहिष्कार

अलीगढ | जिले में बुधवार को वकीलों और जिला जज में मुकद्दमे को लेकर विवाद शुरू हो गया है | बार के पदाधिकारियों पर मुकद्दमे के विरोध में हजारों वकीलों ने दीवानी परिसर का बहिष्कार किया और मुख्या मार्ग शाम तक रोके रखा | वकीलों ने बार के निर्वाचित पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं पर दर्ज हुए मुकद्दमे को तत्काल वापिस लेने की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया | बताते चलें कि गत दिनों जिला न्यायालय परिसर में पार्किंग की समस्या को लेकर हुए प्रदर्शन में अधिवक्ताओं के खिलाफ अब रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। जिला जज के द्वारा केंद्रीय नाजिर द्वारा दर्ज कराई गई इस रिपोर्ट में बार के अध्यक्ष व महासचिव सहित चौदह अधिवक्ताओं को नामजद किया गया है। वकीलों ने फैसला लिया है कि जब तक एफआईआर वापस नहीं होगी और पार्किंग की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। अगले तीन दिन तक दीवानी परिसर में प्रवेश नहीं करेंगे।

रिपोर्ट में लिखा गया है कि वकीलों ने न्यायिक अधिकारियों के सरकारी वाहनों को भी अंदर नहीं जाने दिया। समझाने पर अधिवक्ताओं ने न्यायिक अधिकारियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी दी। बाद में अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में भी माइक लेकर नारेबाजी की। रिपोर्ट में बार के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, महासचिव रामअवतार सिंह, विशेष कुमार शर्मा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, अतुल कुमार यादव, उपसचिव विनोद कुमार, मंगेश कुमार उपसचिव, ठा. ब्रजेश सिंह, अजीत सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह, अब्दुल वहीद खान, सत्यवीर सिंह चौहान, हेमेंद्र कु्मार वार्ष्णेय, अनुप कौशिक, राकेश कुमार व अन्य वकीलों को नामजद किया गया है।

बुधवार को वकीलों ने दीवानी परिसर का बहिष्कार कर रिपोर्ट तत्काल वापिस लेने की मांग की और जिला जज के निर्णय को तानाशाह रवैय्या बताया |
सर्वसम्मति से वकीलों ने कहा कि जब तक एफआईआर वापस नहीं होगी और पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होगी। तब तक वह न्यायिक कार्य के विरत रहेंगे। साथ ही 17 से 19 जनवरी तक दीवानी परिसर में प्रवेश नहीं करेंगे। जज और वकीलों के तेवरों को देखते हुए विवाद के बड़ने की आशंका है | बुधवार को हजारों मुवक्किल वकीलों और जज में विवाद के चलते परेशान हुए और उन्हें वापिस लौटना पडा |