भाजपा सरकार में व्यापारी असुरक्षित, व्यापारियों का हो रहा अपमान : अखिलेश यादव

लखनऊ | समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने व्यापारी समाज को समाजवादी पार्टी में पूरा मान-सम्मान और अवसर दिए जाने का भरोसा दिलाते हुए उम्मीद जताई कि सन् 2022 के लक्ष्य प्राप्ति में उसकी प्रभावशाली भूमिका रहेगी। उन्होंने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर हमलावर होते हुए कहा कि व्यापारी आज सर्वाधिक असुरक्षित और उत्पीड़न का शिकार है। भाजपा सरकार में व्यापारियों का अपमान किया जा रहा है। भाजपा बड़े पूंजी घरानों और कारपोरेट की पक्षधर है। समाजवादी सरकार प्रदेश को विकास के जिस रास्ते पर ले जा रही थी उसे रोका जा रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने देश की पूरी अर्थव्यवस्था को उलझा कर रख दिया है। आज व्यापार और बाजार बदला हुआ है। नोटबंदी 10 बड़े बैंको को बचाने और बड़े-बड़े बकायेदारों को राहत देने के लिए की गई। इसे देश भक्ति बताकर भाजपा ने धोखा देने का कोई मौका नहीं छोड़ा। इससे बेकारी बढ़ी है। उद्योग धंधे बंद हो गए हैं। पता नहीं क्यों प्रधानमंत्री जी अमीरों के खिलाफ जनसामान्य में गुस्सा पैदा कर रहे है ? पूरे देश को बेईमान बता रहे हैं। इस नोटबंदी से व्यापार को जितना नुकसान हुआ हैं उसके दुष्परिणाम आगे दिखाई देंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। व्यापारी और किसानों की परस्पर अर्थव्यवस्था को भाजपा ने तोड़ दिया है। इससे बाजार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों को सबसे ज्यादा सुविधाएं समाजवादी सरकार में ही मिली हैं। भाजपा गंगा और गाय के बहाने व्यापार करना चाहती है। उन्होंने जीएसटी बिल के बारे में व्यापारियों से ही इसके लाभ-हानि की समीक्षा करने और इसकी उत्पीड़नकारी व्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाने को कहा।  अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार के समय जनहित की तमाम योजनाएं लागू की गई। 51 जिलों को 4 लेन सड़क से मुख्यालयों से जोड़ा गया। सुरक्षा की दृष्टि से 100 नं0 डायल सेवा शुरू की गई। इसके फोन पर 10-15 मिनट में पुलिस मौके पर पहुंच जाएगी। अपराधी डरते क्योंकि हर 8 किलोमीटर पर पुलिस तैनात रहती। व्यापारी भी तब राहत महसूस करते।  उपस्थित सभी व्यापारियों ने दोनों हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे सभी समाजवादी पार्टी का साथ निभाएंगे।अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्वकाल के 5 वर्ष स्वर्णिम काल थे। भाजपा के राज में उन्हें उत्पीड़न और अपमान के सिवा कुछ नहीं मिल रहा है। भाजपा सरकार में गुंडे और पुलिस मिलकर व्यापारियों को सता रहे हैं। इससे व्यापारी डरे और सहमें हैं। जब दो माह में यह हाल है तो पांच वर्ष में तो बुरी हालत हो जाएगी। भाजपा सरकार पोलियोग्रस्त है। यह सरकार अपाहिज है। उन्होंने कहा कि व्यापारी की एक नज़र व्यापार पर और दूसरी नज़र राजनीति पर है। व्यापारी कभी सांप्रदायिक नहीं हो सकता है। समाजवादी सरकार में व्यापारियों से सौतेला व्यवहार नहीं हुआ। अब प्रदेश का व्यापारी समाज निकाय चुनावों, 2019 के लोकसभा चुनावों और 2022 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को जिताएंगा और वे अखिलेश यादव के हाथों को मजबूत करेंगे। वक्ताओं ने याद किया कि समाजवादी सरकार में ही चुंगी समाप्त हुई। 3/7 पर रोक लगी। वैट लागू नहीं किया गया। व्यापारी नेताओं ने कहा कि यह परीक्षा बड़ी है और लड़ाई भी बड़ी है। भाजपा नेताओं ने वादे तो बड़े-बड़े किए थे किंतु सत्ता मिलते ही व्यापारियों को चोर और अपराधी बताया जाने लगा। व्यापारियों की हत्या और लूट की घटनाएं बढ़ गई हैं। भाजपा केवल व्यापारियों का दोहन करना जानती है जबकि वह बड़े उद्योगपतियों के काम करती है। भाजपा राज में पुलिस पर गुंड़े हावी हो रहे है। महिलाएं असुरक्षित है। जेलों से व्यापारियों से रंगदारी मांगी जा रही है। इंस्पेक्टर राज लौट आया हैं। आज तो कानून का राज नहीं रह गया है। जीएसटी बिल छोटे व्यापारियों को समाप्त करने की साजिश है। इसमें तीन साल की सजा समाप्त होनी चाहिए। भाजपा की नीयत ठीक नहीं है। व्यापारी इसका जवाब देंगे। व्यापारी डा0 लोहिया के रास्ते पर चलते हुए अखिलेश यादव के नेतृत्व में संघर्ष करेगा। व्यापारी यह भी मानता है कि अखिलेश जी के नेतृत्व की अपार संभावनाएं है।
अखिलेश  यादव शनिवार को पार्टी मुख्यालय पर  उ0 प्र0 उद्योग व्यापार संगठन के सम्मेलन में, जिसकी अध्यक्षता इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश अग्रवाल सांसद ने की, मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। विधायक एवं संगठन के प्रदेश अध्यक्ष  नितिन अग्रवाल ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर मुख्यरूप से पूर्व मंत्री  राजेंद्र चौधरी एवं  कैलाश चैरसिया, सांसद  संजय सेठ, विधायक डा0 मधु गुप्ता, एसआरएस यादव एवं अरविन्द कुमार सिंह भी मौजूद रहे। बैठक को  एस. के. गर्ग, आनंद अग्रवाल, गौरव स्वरूप, लक्ष्मण गुप्ता, जगदीश अग्रहरि, रतन गुप्ता, अनूप गुप्ता, राम किशोर अग्रवाल, योगेश वाष्र्णेय, राज कुमार मिश्र, पवन मनोचा, रमन अग्रवाल कृष्ण गोपाल मित्तल आदि ने भी संबोधित किया।