AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी बोले- ‘अपने फायदे के लिए मुस्लिमो इस्तेमाल न करें दल, रमजान में डालेंगे अधिक वोट’

नई दिल्ली। चुनाव आयोग द्वारा 17वीं लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान किए जाने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बता दें कि कोलकाता के मेयर और तृणमूल कांग्रेस नेता फिरहाद हकीम ने चुनाव आयोग पर सवाल खड़ा करते हुए तारीखों के बदलाव की मांग की है। दरअसल, 11 अप्रैल से लेकर 19 मई तक होने वाले मतदान के दौरान रमजान का महीना भी आ रहा है। ऐसे में उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा और कहा कि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार में अल्पसंख्यकों की तादाद ज्यादा है और बीजेपी नहीं चाहती कि हम वोट करें। हालांकि, हम इस बात से चिंतित नहीं हैं और हम वोट डालेंगे।

इसके साथ ही तृणमूल नेता ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, हम इसका सम्मान करते हैं। इसी को लेकर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग का बचाव किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अपने फायदे के लिए राजनीतिक दल मुस्लिमों एवं रमजान का इस्तेमाल न करें। ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम रमजान के वक्त में जरूर रोजा रखेंगे। वे इस दौरान सामान्य जीवन व्यत्तीत करते हैं, ऑफिस भी जाते हैं और तो और गरीब से गरीब व्यक्ति भी इस दौरान रोजा रखता है। ओवैसी ने कहा कि मेरा मानना है कि रमजान के महीने में अधिक से अधिक मतदान होगा।

बता दें कि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश एवं बिहार में अल्पसंख्यकों की तादाद बाकी के राज्यों से कहीं ज्यादा है। वहीं 6 मई से रमजान का महीना भी शुरू हो रहा है। इसी बीच 6, 12 और 19 मई के इन राज्यों में मतदान होने वाले हैं। जिसको लेकर राजनीतिक दल फायदे के लिए  आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं। हालांकि, इस विवाद को सबसे पहले आम आदमी पार्टी नेता अमानतुल्लाह खान ने शुरू करते हुए ट्वीट किया कि 12 मई का दिन होगा, दिल्ली में रमज़ान होगा, मुसलमान वोट कम करेगा इसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा। उल्लेखनीय है कि 543 लोकसभा सीटों के लिए 11 अप्रैल से लेकर 19 मई तक वोटिंग होगी और 23 मई के दिन देश को नया प्रधानमंत्री मिलेगा।