सोमनाथ और जगन्नाथ मंदिर के बाद अब राममंदिर में भी लगेगा अलीगढ़ का ताला

अयोध्या में राममंदिर निर्माण में अलीगढ़ भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने जा रहा है। अलीगढ़ के उद्यमियों ने मंदिर समिति को हार्डवेयर एवं ताला दान करने का फैसला लिया है। उद्यमी शासन व मंदिर निर्माण इकाई के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र से संपर्क कर रहे हैं।

अलीगढ़ के लॉक, हार्डवेयर व इलेक्ट्रिकल्स का उत्पादन करने वाले उद्यमियों ने राम मंदिर निर्माण इकाई को हार्डवेयर, लॉक व इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद दान करने का फैसला लिया है। तालानगरी औद्योगिक विकास एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ इनोवेटिव मैन्युफैक्चरर (एफआईएम) व ट्रस्टी लॉक के संचालक ने इस तरफ कदम आगे बढ़ाया है। दान के अलावा उद्यमी लागत मूल्य पर भी मंदिर समिति को भवन निर्माण सामग्री मुहैया कराएंगे। इसको लेकर अधिक से अधिक उद्यमियों को एकजुट किया जाएगा।

अलीगढ़ का 50 किलो का ताला ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ व गुजरात के सोमनाथ मंदिर में भी लगा है। अलीगढ़ में केवल ट्रस्टी लॉक ही 50 किलो से लेकर 80 किलो तक के वजनी ताले बनाते हैं। अलीगढ़ में पैड लॉक, मोर्टिस लॉक, लीवर लॉक, पिन सिलेंडर लॉक, सेंटर लॉक समेत अन्य किस्म के ताले बनते हैं। अलीगढ़ से हार्डवेयर इंग्लैंड, अमेरिका, जर्मनी, साउथ अफ्रीका, फ्रांस, इटली, श्रीलंका, सिंगापुर समेत अन्य देशों में एक्सपोर्ट होता है। अलीगढ़ के उद्यमी डोर फिटिंग आइटम, इलेक्ट्रिकल्स मेटल फिटिंग, लॉक व आकर्षक इलेक्ट्रॉनिक लाइटें उपहार स्वरूप मंदिर ट्रस्ट को भेंट करेंगे। दरवाजे व खिड़की में लगने वाले कब्जे, चटकनी, कुंडे, हत्थे व अन्य उपकरण दान में शामिल किए जाएंगे।

आर्टवेयर कारोबारी किशन वार्ष्णेय का कहना है कि अलीगढ़ में तैयार होने वाली पीतल की मूर्तियों की दुनियाभर में पहचान है। अयोध्या मंदिर परिसर के लिए पीतल से बनी भगवान श्रीराम की मूर्ति तैयार कराई जाएंगी। मंदिर समिति से इस संबंध में समय लिया जा रहा है।