इलाहाबाद: आधुनिक तकनीकि के शौचालयों द्वारा अर्द्धकुम्भ मेले को विश्वस्तरीय बनाने की तैयारी

शशांक मिश्रा/इलाहबाद| अर्द्धकुम्भ 2018-19 के मद्देनजर स्थायी निर्माण के साथ-साथ इस आयोजन को भव्य एवं दिव्य बनाये जाने के मुख्यमंत्री  के संकल्प पर इलाहाबाद प्रशासन तेजी से जुट गया है। नगर में चार फ्लाईओवरों का निर्माण जहां रफ्तार पकड़चुका है वहीं मेले की सफाई व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने के इन्तेजाम भी तेजी से किये जा रहे हैं।
लगातार बैठकों में सफाई व्यवस्था सम्बन्धी योजनाओं का परीक्षण करते हुये मण्डलायुक्त ने आज सफाई व्यवस्था में लगे उपकरणों की कार्यक्षमता और अधिकारियों की कार्ययोजना का स्थलीय परीक्षण करने एवं स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की कार्ययोजना और सफाई उपकरणों को लाइव समझने के लिये दोपहर 12 बजे किला घाट पहुंच गये। किला घाट पर जिलाधिकारी संजय कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी इलाहाबाद डाॅ0 आलोक वर्मा, नगर आयुक्त हरिकेश चैरसिया तथा उपाध्यक्ष विकास प्राधिकारण भानुचन्द्र गोस्वामी पहले से ही मौजूद थे।
मण्डलायुक्त के सामने अधिकारियों ने मेले के दौरान कार्यरत रहने वाले सफाई यंत्रों यथा रोबोट्स, जेसीबी, छोटे और बड़े डम्पर ट्रक तथा ट्रैक्टरों के माध्यम से यह प्रदर्शन देखा गया कि मेले में सू़क्षतम स्तर पर कचड़े को किस तरह डस्टबिन में एकत्र किया जायेगा तथा उसे रोबोट के माध्यम से किस तरह डम्पर ट्रके में लोड कर मेला क्षेत्र के बाहर नियमित रूप से पहुंचा दिया जायेगा।
इस प्रदर्शन में मण्डलायुक्त ने व्यवस्था का मौके पर ही बड़ी गहरायी से परीक्षण किया तथा पूरी कार्ययोजना को इस नजरिये से देखा कि कचड़े का एक भी टुकड़ा डस्टबिन में एकत्र होने से लेकर मेला क्षेत्र के बाहर निकल जाने तक कहीं बाहर न फैले। मण्डलायुक्त को यह जानकारी दी गयी कि मेले में चार बड़े रोबोट और नगर निगम के छः छोटे रोबोट उठाने और उसे डम्पिंग स्टेशन तक पहुंचाने में नियमिरूप से कार्यरत रहेंगे। इसमें अर्द्धकुम्भ मेले तक 06 छोटे तथा 06 बडे रोबोट की मांग शासन से की गयी है। जिससे सफाई व्यवस्था को विश्वस्तरीय रूप दिया जा सके।
ज्ञातव्य है कि मेले के अवधि में लगभग सौ टन कचरा सामान्य दिनों में तथा लगभग डेढ़ सौ टन स्नान के दिनों में प्रतिदिन इकट्ठा होता है। जिसे प्रतिदिन कुल बीस ट्रकों से मेला क्षेत्र के बाहर ले जाया जायेगा।
मण्डलायुक्त ने कचड़े के प्रबन्धन में आने वाली असुविधाओं को गहरायी से जानने की कोशिश की तथा मेला क्षेत्र में इन वाहनों के संचालन से आमजन को असुविधा न हो उसके लिये समयबद्ध योजना प्लान पर गहरायी से विचार-विमर्श किया। मण्डलायुक्त ने वाहनों को अपने सामने चलवाकर यह सुनिश्चित करवाया कि इन वाहनों को अपने सामने चलवाकर यह सुनिश्चित करवाया कि इन वाहनों का परिवहन मेला क्षेत्र के चकर्ड प्लेटों से बनी सड़कों पर भी सुगमता पूर्वक हो पा रहा है। उन्होंने मेला क्षेत्र में लगने वाली नीली और हरी डस्टबिनों की क्वालिटी संख्या तथा डम्पिंग वाहनों पर उन्हें पलटने की व्यवस्था पर भी गहरायी से विचार किया गया।  कचड़े को लाने व लेजाने में मेला क्षेत्र के बाहर एक डम्पिंग स्टेशन बनाया जाय, जहां छोटे वाहनों से कचड़े को बड़े वाहनों में डम्प करने हेतु एक कन्वेयर भी लगाया जाय। स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम के अधिकारियों को मण्डलायुक्त ने निर्देश दिये कि तरल कचड़े के प्रबन्धन का एक अत्याधुनिक प्रजेन्टेशन तैयार करके प्रस्तुत करें। इसके लिये उच्चस्तरीय संस्थाओं के विशेषज्ञों से राय लेते हुये कार्ययोजना बनायी जाय।
मण्डलायुक्त ने किला घाट में उपस्थित सभी प्रशासनिक अधिकारियों को सम्बोधित करते हुये यह कहा कि अर्द्धकुम्भ का दिव्य एवं भव्य अर्द्धकुम्भ तभी संभव है जब वह स्वच्छ और सुन्दर बराबर रूप से हो। इस लिये सफाईकर्मियों के अलांवा हम सभी को यथा मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, मुख्य चिकित्साधिकारी और सभी विभागों के अधिकारी इसे अपना निजी दायित्व समझ कर कार्य मे लगें और इस आयोजन को सफल बनायें।