राजनैतिक व्यवस्था के मुंह पर करारा तमाचा, दिल्ली से पैदल मुरैना जा रहे बेबस मजदूर की तड़पकर आगरा में मौत

आगरा | कोरोना वायरस के चलते देश में लॉकडाउन के बीच बिना किसी परिवहन सुविधा के लोग भूखे-प्यासे ही पैदल सैकड़ों किलोमीटर दूर का सफर तय कर घर पहुंचने में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला आगरा से आया है जहां पर अरतीस वर्षीय एक युवक ने दिल्ली से करीब करीब 200 मीटर का सफर तय करने के बाद आगर में सुबह छाती में दर्द की शिकायत की और गिर पड़ा। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि मजदूर की मौत ज्यादा चलने और भूख से तड़पकर हुई है | हालाँकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का अभी इन्तजार है |आगरा से आई इस खबर ने देश की राजनैतिक और प्रशासनिक व्यवस्था के मुंह पर करारा तमाचा मारा है | सवाल यही है कि आखिर मजदुर की मौत का जिम्मेदार कौन होगा ?

कोरोना से जंग में पैदल अपने घर निकले मजदूर की मौत का यह पहला मामला सामने आने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई। अब भी हाईवे पर हजारों मजदूर पैदल अपने घरों को निकले हैं। यह रणवीर नाम का व्यक्ति दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में काम करता था और लॉकडाउन के चलते बंद हो गया था। उसके बाद उसने मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अपने घर जाने का फैसला किया था, लेकिन वह आगरा तक ही चल पाया।

आगरा के एसएसपी बबलू कुमार ने बताया, “पुलिस को शनिवार की सुबह यह सूचना मिली की सिकंद्रा पुलिस स्टेशन इलाके में आगरा-दिल्ली हाईवे पर एक शव पड़ा हुआ है। उसके बाद यह पता चला कि वह दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में एक रेस्टोरेंट में काम करता था।” एसएसपी ने आगे बताया- “रणवीर दिल्ली से अपने दो अन्य लोगों के साथ मुरैना में अपने गांव के लिए पैदल चला था। आगर में सुबह पहुंचने के बाद उसने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद वे तीनों रूक गए और रणवीन वहीं गिर पड़ा।”

पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक वह व्यक्ति दम तोड़ चुका था। एसएसपी ने बताया कि इसलिए उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके। रणवीर सिंह के साथ रहने वाले लोगों ने बताया कि लॉकडाउन के चलते बेरोजगारी ने उन्हें दिल्ली से गांव पैदल चलने को मजबूर किया। एक स्थानीय दुकानदार तीनों की मदद के लिए आया और रणवीर से नीचे लेटे रहने और चाय बिस्कुट के लिए पूछा, लेकिन वह नहीं बच पाया। पुलिस ने परिवार के सदस्य को इत्तिला कर दिया है।