संसद में प्रदूषण पर चर्चा के दौरान 82% सांसद रहे अनुपस्थित

प्रदूषण पर सांसद कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि संसद में चर्चा के दौरान 82 फीसदी सांसद अनुपस्थित रहे। दिल्ली में भाजपा के सात सांसद हैं, लेकिन इनमें से रमेश बिधूड़ी और हंसराज हंस चर्चा के दौरान मौजूद नहीं थे। उधर भाजपा ने बताया कि चर्चा अभी जारी है, पार्टी से तीन सांसदों ने चर्चा में हिस्सा लिया, बाकी बुधवार को अपनी बात रख सकते हैं।

पार्टी ने बताया कि डॉ. हर्षवर्धन बिल गेट्स के साथ एक कार्यक्रम में मौजूद थे। हालांकि सवाल सिर्फ सांसदों पर ही नहीं, लोकसभा के अधिकारियों और स्टाफ पर भी उठ रहा है, जो इस दिन सदन पहुंचे ही नहीं। लोकसभा स्पीकर ने इस पर भारी नाराजगी जताते हुए इन्हें नोटिस जारी किया है। इससे पहले एनसीआर में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई संसदीय समिति की बैठक में 28 में से महज चार सांसदों ने हिस्सा लिया था।

लोक महत्व से जुड़े जिन मुद्दों पर तत्काल चर्चा की जरूरत होती है, लोकसभा में नियम 193 के तहत उनपर बहस की जाती है। चर्चा शुरू करने वाले सदस्य को उत्तर देने का अधिकार नहीं होता। बहस के दौरान सदन में कोई प्रस्ताव भी नहीं लाया जाता। इसमें मतदान का भी कोई प्रावधान नहीं है।