72 हजार शिक्षक भर्ती में हेरफेर, मैनपुरी के दो बीएसए की भूमिका संदिग्ध, हो सकती है बड़ी कार्यवाही

मैनपुरी | 72 हजार शिक्षक भर्ती में पदों से अधिक नियुक्ति के मामले में जिले के तत्कालीन दो बीएसए जांच के घेरे में आ गए हैं। जिले में निर्धारित 100 पदों के सापेक्ष 105 लोगों की नियुक्ति की गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने जिले से रिकॉर्ड मांगा है।

प्राथमिक स्कूलों में वर्ष 2011 से चल रही 72 हजार शिक्षक भर्ती में अब तक जिले में 100 पदों को सापेक्ष 105 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इसके बाद भी दो पद अनुसूचित जनजाति में रिक्त दिखाए जा रहे हैं। सात लोगों को गलत तरीके से नियुक्ति दी गई है। इस मामले में तत्कालीन बीएसए प्रदीप कुमार वर्मा और हरिकेश यादव जांच के घेरे में आ गए हैं। प्रदीप कुमार वर्मा एससीईआरटी कार्यालय लखनऊ तथा हरिकेश यादव कार्यालय माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रयागराज में तैनात हैं।

दोनों अधिकारियों की ओर से भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने बीएसए को पत्र भेजकर अब तक हुई भर्ती प्रक्रिया का संपूर्ण विवरण तलब किया है। माना जा रहा है कि इस मामले में तत्कालीन बीएसए को कोर्ट तलब कर सकता है। फिलहाल सचिव के निर्देश पर बीएसए विजय प्रताप सिंह भर्ती प्रक्रिया के सभी अभिलेख खंगाल रहे हैं। किस काउंसलिंग में कितने लोगों ने हिस्सा लिया और कितनों का चयन किया गया, इसका विवरण तैयार किया जा रहा है।

विजय प्रताप सिंह, बीएसए का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जो जानकारियां मांगी हैं उन्हें तैयार किया जा रहा है। शीघ्र ही रिकॉर्ड तैयार करा उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा। नियुक्ति किस आधार पर दी गईं यह रिकॉर्ड के अनुसार विभागीय अधिकारियों को बताई जाएगी।