खुलासा: 66 कंपनियों की दवा खाने लायक नही, लग सकती है बिक्री पर रोक

66 दवा कंपनियां, जिनमें कुछ नामचीन कंपनियां भी शामिल हैं उनकी दवाइयां खाने लायक नहीं हैं। बीमारी में इन दवाइयों को खाने से कोई फायदा नहीं होने वाला। इन कंपनियों की दवाइयां मानकों पर फेल साबित हुई हैं। यह खुलासा हुआ है मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर के नेशनल ड्रग्स सर्वे में, जिसमें 66 कंपनियों के 946 सैंपल फेल हुए हैं।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल द्वारा उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में यह सर्वे कराया गया था। बरेली और मंडल के अन्य जिलों से भी बड़े स्तर पर दवाइयों के सैंपल लिए गए थे। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गनाइजेशन की वेबसाइट पर जारी रिपोर्ट में इन कंपनियों की सूची जारी की गई, साथ ही उनके कितने सैंपल फेल हुए हैं, इसकी जानकारी भी दी गई है। कुछ कंपनियां तो ऐसी हैं जिनके 30 से 61 सैंपल सब स्टैंडर्ड मिले हैं। मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर ने रिपोर्ट तो जारी करा दी, लेकिन कार्रवाई के संबंध में कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं। तीन दिन पहले जारी हुई रिपोर्ट अभी अधिकारियों तक पहुंची नहीं है। हालांकि, इतने बड़े स्तर पर दवाइयों की गुणवत्ता में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होना तय है। इन दवाओं की बिक्री पर रोक भी लग सकती है।
विवि के फार्मेसी विभाग में बीफार्मा, एमफार्मा और शोध करने वाले छात्रों को इन दवाइयों की पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि इनके बारे में ठीक से जान सकें। विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अमित वर्मा ने बताया कि लैब में छात्र इन दवाइयों पर शोध करते हैं। अब इन दवाइयों के प्रति जागरूकता फैलाएंगे और शोध में इनके मानक भी देखेंगे।
दवाइयों का यह सर्वे करीब दो साल पहले शुरू किया गया था। बरेली मंडल से भी बड़े स्तर पर दवाओं के सैंपल खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा लिए गए थे। प्रत्येक जिले को लखनऊ से इसके लिए किट भी उपलब्ध कराई गई थी।
पिछले दिनों व्यापक स्तर पर बरेली और मंडल के अन्य जिलों से दवाइयों के सैंपल लिए गए थे। लखनऊ से इसके लिए किट भी आई थी। उसकी रिपोर्ट अभी तक हमें नहीं मिली है। रिपोर्ट के आधार पर जो निर्देश होंगे, कार्रवाई की जाएगी। –उर्मिला वर्मा, ड्रग्स इंस्पेक्टर बरेली