20 शताब्दी के अंत में राजनैतिक उथल पुथल दिखाई देती हैं- दीपक भोजवानी

अलीगढ़ | अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वेस्ट ऐशियन स्टडीज विभाग में कोलम्बिया व लेटिन अमरीका में भारत के पूर्व राजदूत श्री दीपक भोजवानी ने अंतररास्ट्रीय संबंधो में बाहरी हस्तक्षेप के प्रभाव के विषय पर व्याख्यान दिया जिसमें उन्होंने अंतररास्ट्रीय वैश्विक संघर्षों विशेष रूप से पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की। व्याख्यान का आयोजन अमुवि के अन्तर्राष्ट्रीय अध्ययन संकाय द्वारा किया गया।

श्री भोजवानी ने वैश्विक संघर्षों और अन्तर्राष्ट्रीय विषयों पर भारत के दृष्टिकोण के विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बीसवीं शताब्दी के अंत में राजनैतिक उथल पुथल का माहौल दिखाई देता है जिससे कई देशों की संप्रभुता खतरे में पड़ गयी हालांकि हेती और बंग्लादेश जैसे कुछ देशों में समय पर किये गये हस्तक्षेप से वहां स्थिति संभल गयी। भोजवानी ने इस अवसर पर छात्रों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर भी दिये। उन्होंने इजराईल-फिलिस्तीन संघर्ष, रूस की भूमिका, द्वितीय विश्वयुद्व और सीरिया में पश्चिमी हस्तक्षेप विषय पर अपने विचार व्यक्त किये।

अमुवि के सहकुलपति प्रो. तबस्सुम शहाब ने व्याख्यान की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि संघर्षों के समाधान के लिये सभी पक्षो की शिकायतों को ध्यान से सुनना और उनको हल करना महत्वपूर्ण होता है। अन्तर्राष्ट्रीय अध्ययन संकाय के डीन प्रो. शमीर हसन ने कार्यक्रम का संचालन किया। प्रो. मोहम्मद अजहर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। व्याख्यान के दौरान शिक्षक व छात्र मौजूद थे।