18 अप्रैल को अक्षय तृतीया, फिर बजेंगी शहनाई, जानिए शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली। शनि 18 अप्रैल को वक्री होंगे। यह अवधि 142 दिनों की होगी। इसके साथ सूर्य भी गोचर में उच्च के हो जाएंगे। 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। इसी दिन शादियों के मुहूर्त खुलेंगे। साथ ही भगवान परशुराम जयंती भी मनाई जाएगी। इस दिन को सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ दिवस और हयग्रीव का प्राकट्य दिवस भी माना जाता है। इसी दिन कृतिका नक्षत्र में आयुष्मान, सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग भी पड़ रहा है। यह संयोग शादी और खरीदारी के लिहाज से काफी शुभ होगा।

सर्वार्थ सिद्धि योग में 18 अप्रैल को आ रही अक्षय तृतीया (आखा तीज) के अबूझ मुहूर्त से शादियां शुरू होगी। अभी मलमास चलने से शुभ काम रुके हुए हैं। मीन संक्रांति का मलमास होने से 14 अप्रैल तक शादियां व अन्य शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त नहीं निकलेंगे। अप्रैल से जुलाई तक विभिन्न तारीखों को शादी के कई श्रेष्ठ मुहूर्त आएंगे। पंडितों के अनुसार शादियां 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया से शुरू होंगी। इसके पहले एक भी श्रेष्ठ मुहूर्त नहीं है।

पंडित रोहित पुजारी (सोनू) के मुताबिक इस बार तृतीया भी खास है क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6 बजकर 6 मिनट से रात 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इसमें शादियां ही नहीं खरीदारी भी शुभ रहेगी। इसके अलावा सूर्य उच्च राशि मेष व चंद्रमा भी उच्च राशि वृष में रहेंगे। सूर्य-चंद्रमा का उच्च होना भी शुभता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 14 मार्च को मलमास लगने से शादियों सहित अन्य शुभ कार्य बंद हो गए थे, जो 14 अप्रैल तक रहेंगे। इसके बाद तीन दिन श्रेष्ठ मुहूर्त नहीं है। अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त के साथ 18 अप्रैल को शादियों की शहनाई गूंजेगी। 12 मई तक शादी के मुहूर्त रहेंगे, फिर अधिक मास लगने से इन पर विराम लग जाएगा। पंडितों के अनुसार शादियों के लिए 13 मुहूर्त श्रेष्ठ रहेंगे। इसमें अप्रैल माह में 18, 19, 20, 26, 27, 28, 29 व 30 तथा मई माह में 4, 8, 9, 11 व 12 मई तक शादियों के लिए अच्छा मुहूर्त होगा। 16 मई से अधिक मास लग जाएगा, जो 13 जून तक रहेगा। इस अवधि में भी शादियां नहीं होंगी।