किसानो के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले अलीगढ के 130 सपाई गिरफ्तार, ये हैं नाम-

अलीगढ | किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करने निकले सपाइयों को दूसरे दिन भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस लाइन ले जाए गए 130 सपाइयों को शाम को जमानत पर छोड़ दिया गया। इस दौरान सपाइयों ने केलानगर में गिरफ्तारी के वक्त धक्कामुक्की करते हुए नारेबाजी की। सपा के इस ‘समर्पण भाव’ पर सवाल भी उठ रहे हैं। मंगलवार सुबह जिलाध्यक्ष गिरीश यादव के साथ पूर्व विधायक जफर आलम, पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह, पूर्व विधायक राकेश सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इस्हाक, सलमान शाहिद, जिब्रान हसन ख्वाजा, पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह, राजेश सैनी, विनोद सविता, रत्नाकर पांडेय सहित सभी प्रमुख नेताओं के आवास पर पुलिस सुबह छह बजे ही पहुंच गई थी। इसके चलते सपाई किसी तयशुदा स्थान पर एकत्र नहीं हो पाए। बाद में पूर्व विधायक जफर आलम के आवास पर सबको बुलाया गया।

पुलिस के पहरे के बीच जिलाध्यक्ष गिरीश यादव सुबह नौ बजे अपने घर से पार्टी कार्यालय जाने तक की बात कहकर पैदल निकले। पुलिस को चकमा देकर लगभग दस बजे पूर्व नगर विधायक जफर आलम के केला नगर स्थित आवास पर पहुंचे। पूर्व विधायक जमीरउल्लाह के बारे में कयास लगाया जाता रहा है कि वह जफर आलम के आवास या कार्यालय नहीं जाते हैं। लेकिन बुलावा मिलने पर जमीरउल्लाह दल बल के साथ वहां पहुंचे। यहां से सपाई मैरिस रोड बाजार की ओर बढ़े तो पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया।

इस दौरान सपाइयों और पुलिस में तीखी झड़प भी हुई। पुलिस ने सभी को वाहनों को बैठा कर पुलिस लाइन भेजा, यहां एक कक्ष में बंद कर दिया गया। यहां सपाइयों से एक एक लाख रुपये के मुचलके भरवाए गए। करीब साढ़े तीन बजे सभी को छोड़ा दिया। छूटने के बाद सपाइयों ने कहीं कोई प्रदर्शन नहीं किया। सभी अपने अपने काम में लग गए। इसीलिए सपा के समर्पण पूर्ण प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे हैं। सपाइयों के प्रदर्शन को देखते तस्वीर महल से कलक्ट्रेट की ओर बैरीकेडिंग लगाई गई थी।

सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने कहा है कि ये लड़ाई जारी रहेगी। पुलिस दबाव बना रही है लेकिन अब कार्यकर्ता मानने वाले नहीं है। लोकतंत्र में प्रदर्शन धरना करना सबका अधिकार है। इससे वंचित नहीं किया जा सकता है। इधर, पुलिस लाइन में पूर्व विधायक जफर आलम ने मोर्चा संभाला और अधिकारियों ने तीखी बहस हुई। अधिकारियों को भविष्य की भी याद दिलाई गई। अलग अलग नेताओं ने पुलिस और प्रशासन के इस दबाव पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।