1000 करोड़ की बेनामी संपत्ति के मामले में लालू के यहां छापा

आयकर विभाग ने दिल्ली और इर्दगिर्द के इलाकों में कम से कम 22 स्थानों पर छापेमारी की और सर्वे किया। ये कार्रवाई राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव तथा अन्य से संबंधित 1,000 करोड़ रूपये के कथित बेनामी सौदों के मामले में की गई। अधिकारियों ने बताया कि आज तड़के विभाग ने दिल्ली, गुड़गांव, रेवाड़ी में कुछ जानेमाने कारोबारियों तथा रियल एस्टेट एजेंटों तथा अन्य के परिसरों पर छापेमारी शुरू की।
राजद के सांसद प्रेमचंद गुप्ता और कुछ अन्य कारोबारियों के परिसरों पर भी तलाशी ली गई। उन्होंने बताया कि छापेमारी एक दर्जन स्थानों पर की गई जबकि आयकर विभाग ने 10 अन्य आधिकारिक परिसरों का सर्वे भी किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘लालू प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े एक भूमि सौदे में शामिल लोगों और कारोबारियों के यहां तलाशी ली गई। लगभग 1,000 करोड़ रूपये के बेनामी सौदों और उसके बाद कर चोरी के मामले हैं।’’ उन्होंने बताया कि कर विभाग और पुलिस विभाग के लगभग 100 अधिकारी छापेमारी कर रहे हैं। पिछले हफ्ते भाजपा ने लालू प्रसाद, उनकी सांसद बेटी मीसा भारती और उनके दोनों बेटों पर लगभग 1,000 करोड़ रूपये के भ्रष्ट भूमि सौदों में शामिल होने का आरोप लगाया था और केंद्र सरकार से दिल्ली में हुए ऐसे ही एक सौदे की जांच की मांग की थी। गौरतलब है कि लालू के दोनों बेटे बिहार सरकार में मंत्री हैं।
केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि ये लेनदेन फायदा पहुंचाने के एवज में किए गए हैं और यह उस समय के हैं जब लालू प्रसाद यादव रेलवे मंत्री थे। प्रसाद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लालू के खिलाफ कार्रवाई करने की चुनौती दी। लालू का राजद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले बिहार के सत्तारूढ़ गठबंधन का घटक दल है और उनके बेटे तेजस्वी यादव तथा तेज प्रताप यादव राज्य सरकार में मंत्री हैं। रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि कंपनी के मालिकों का पता वही है जो लालू के आधिकारिक आवास का पता है। यह कंपनी कथित तौर पर लालू के परिवार के सदस्यों ने शुरू की है। उन्होंने कहा कि बिहार में कई संदिग्ध भूमि सौदे हुए। उन्होंने पूछा कि क्या नीतीश अपनी सरकार के उस विशेष कानून का इस मामले में इस्तेमाल करेंगे जिसमें गैरकानूनी धन से प्राप्त संपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा, ‘‘लालू प्रसाद की राजनीति लूट की राजनीति बन गई है। करोड़ों रूपये की भूमि कौड़ी के मोल ले ली गई।’’
उनके मुताबिक लालू प्रसाद और उनके परिजनों से संबंधित ऐसा ही एक भूमि सौदा दिल्ली के बिजवासन में किया गया। रवि शंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘हम केंद्र सरकार से उचित कार्रवाई की उम्मीद करते हैं।’’ प्रसाद ने दावा किया कि इन सौदों को अंजाम देने के लिए लालू प्रसाद के परिजनों द्वारा गठित और उनके मालिकाना हक वाली इन कंपनियों में कोई कर्मचारी नहीं है, इन कंपनियों की कोई कारोबारी गतिविधियां नहीं हैं और इनका कोई टर्नओवर भी नहीं है। यहां एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे ही संदिग्ध लेनदेन के हिस्से के रूप में बिहार के पटना में राज्य का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल शुरू होने जा रहा है जो लगभग 7.5 लाख वर्गफुट इलाके में फैला है।