100 दिन का हाल-ए-बयाँ करता ये आकंडा ! क्या यही थे वो अच्छे दिन योगी जी ?

 उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही ताबड़तोड़ आपराधिक घटनाओं ने कानून-व्यवस्था का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार की पोल खोलकर रख दी है। इसे योगी सरकार का भय कहें या कुछ और कि पुलिस अब अपराध दर्ज करने में भी संकोच कर रही है। यह हम नहीं बल्कि भाजपा सरकार बनने के बाद पुलिस द्वारा दर्ज किये गए आंकड़े खुद बता रहे हैं। इनमें पूर्व की अखिलेश सरकार के 100 दिन (9 दिसंबर- 18 मार्च 2017) तक के आंकड़ों को अगर देखा जाये तो यह काफी चौंकाने वाले हैं। अखिलेश सरकार के 100 दिनों में पूरे यूपी में 27067 अपराध पंजीकृत हुए हैं।
जबकि अगर बात भाजपा सरकार बनने के बाद योगी राज के 100 दिन (19 मार्च- 26 जून 2017) की करें तो यूपी में कुल 22298 अपराध पंजीकृत किये गए। यह आंकड़े काफी चौंकाने वाले इसलिए हैं कि पुलिस ने योगी सरकार में आपराधिक मुकदमें ना के बराबर दर्ज किये हैं। यूपी सरकार भले ही कानून-व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा कर रही हो लेकिन लगातार, हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार, अपहरण, चोरी और हिंसक घटनायें सरकार के दावों की पोल खोल रही हैं। इन आंकड़ों में अगर बात केवल राजधानी लखनऊ की करें तो पिछले डेढ़ महीने में ही यहां करीब 30 से अधिक हत्या की वारदातें हो चुकी हैं। जबकि आधा दर्जन से अधिक बड़ी डकैती और लूट की वारदातों के अलावा आधा दर्जन से अधिक गैंगरेप की घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन क्राइम मैपिंग पर दर्ज पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक पूरे लखनऊ जोन में केवल 5 डकैतियां ही दर्ज हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस अपराध दर्ज करने में कितनी लापरवाही बरत रही है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ वाराणसी में पुलिस ने आपराधिक मामले ना के बराबर दर्ज किये हैं जबकि हकीकत कुछ और है।
योगी सरकार के 100 दिन के आंकड़ें
आगरा जोन में 154 हत्या, 350 हत्या के प्रयास, 62 दहेज हत्या, 138 बलात्कार, 475 दंगे, 473 अपहरण, 0 हिरासत में हिंसा, 13 डकैती, 267 लूट, 40 चेन लूट, 168 सेंधमारी, 630 चोरी, 1089 वाहन चोरी, 877 महिला अपराध, 68 बाल अपराध, 916 सड़क हादसे हुए इनमें कुल मिलकर 5720 अपराध हुए।
इलाहबाद जोन में 40 हत्या, 52 हत्या के प्रयास, 27 दहेज हत्या, 83 बलात्कार, 65 दंगे, 144 अपहरण, 0 हिरासत में हिंसा, 4 डकैती, 53 लूट,  5 चेन लूट, 102 सेंधमारी, 140 चोरी, 227 वाहन चोरी, 276 महिला अपराध, 38 बाल अपराध, 411 सड़क हादसे हुए इनमें कुल मिलकर 1667 अपराध हुए।
बरेली जोन में 96 हत्या, 175 हत्या के प्रयास, 27 दहेज हत्या, 173 बलात्कार, 118 दंगे, 307 अपहरण, 0 हिरासत में हिंसा, 13 डकैती, 86 लूट, 11 चेन लूट, 91 सेंधमारी, 259 चोरी, 274 वाहन चोरी, 631 महिला अपराध, 48 बाल अपराध, 487 सड़क हादसे हुए इनमें कुल मिलकर 2796 अपराध हुए।
गोरखपुर जोन में 37 हत्या, 29 हत्या के प्रयास, 18 दहेज हत्या, 65 बलात्कार, 109 दंगे, 173 अपहरण, 3 हिरासत में हिंसा, 7 डकैती, 40 लूट, 4 चेन लूट,  64 सेंधमारी, 158 चोरी, 124 वाहन चोरी, 247 महिला अपराध, 67 बाल अपराध, 239 सड़क हादसे हुए इनमें कुल मिलकर 1384 अपराध हुए।
कानपुर जोन में 83 हत्या, 70 हत्या के प्रयास, 40 दहेज हत्या, 65 बलात्कार, 176 दंगे, 260 अपहरण, 0 हिरासत में हिंसा, 10 डकैती, 67 लूट, 10 चेन लूट, 107 सेंधमारी, 221 चोरी, 415 वाहन चोरी, 435 महिला अपराध, 56 बाल अपराध, 648 सड़क हादसे हुए इनमें कुल मिलकर 2664 अपराध हुए।
लखनऊ जोन में 61 हत्या, 30 हत्या के प्रयास, 31 दहेज हत्या, 60 बलात्कार, 115 दंगे, 173 अपहरण, 0 हिरासत में हिंसा, 5 डकैती, 70 लूट, 4 चेन लूट, 53 सेंधमारी, 200 चोरी, 159 वाहन चोरी, 219 महिला अपराध, 19 बाल अपराध, 360 सड़क हादसे हुए इनमें कुल मिलकर 1559 अपराध हुए।
मेरठ जोन में 121 हत्या, 358 हत्या के प्रयास, 41 दहेज हत्या, 154 बलात्कार, 320 दंगे, 369 अपहरण, 0 हिरासत में हिंसा, 11 डकैती, 234 लूट, 66 चेन लूट, 151 सेंधमारी, 919 चोरी, 1342 वाहन चोरी, 678 महिला अपराध, 104 बाल अपराध, 722 सड़क हादसे हुए इनमें कुल मिलकर 5590 अपराध हुए।
वाराणसी जोन में 30 हत्या, 27 हत्या के प्रयास, 22 दहेज हत्या, 52 बलात्कार, 81 दंगे, 74 अपहरण, 0 हिरासत में हिंसा, 1 डकैती, 38 लूट, 3 चेन लूट, 31 सेंधमारी, 85 चोरी, 115 वाहन चोरी, 144 महिला अपराध, 27 बाल अपराध, 187 सड़क हादसे हुए इनमें कुल मिलकर 917 अपराध हुए।