प. बंगाल में चुनाव आयोग की बड़ी कार्यवाही, 19 घंटे पहले चुनाव प्रचार रोक, ममता का EC पर हमला, बोलीं-‘मैंने RSS के लोगों से भरा चुनाव आयोग कभी नही देखा’

नई दिल्ली । कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हिंसा के 25 घंटे बाद चुनाव आयोग ने बुधवार रात दो बड़े फैसले लिए। आयोग ने पश्चिम बंगाल की 9 लोकसभा सीटों पर तय समय से 19 घंटे पहले गुरुवार रात 10 बजे से ही चुनाव प्रचार बंद करने का आदेश दिया। चुनाव प्रचार समय से पहले रोकने का देश में यह पहला मामला है।

आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए संविधान के अनुच्छेद 324 में मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए यह कार्रवाई की है। दूसरी ओर, आयोग ने राज्य के एडीजी सीआईडी और गृह विभाग के प्रधान सचिव को भी हटा दिया है। आखिरी चरण में 19 मई को बंगाल समेत 59 सीटों पर मतदान होना है। अन्य 50 सीटों पर प्रचार शुक्रवार शाम 5 बजे बंद होगा।

इन लोकसभा क्षेत्रों में गुरुवार रात 10 के बाद प्रचार बंद-
दम दम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, जाधवपुर
डायमंड हार्बर, दक्षिण कोलकाता, उत्तर कोलकाता

मतदाताओं और अफसरों में भय का माहौल-
अफसरों और मतदाताओं में भय का माहौल बना हुआ है बंगाल के प्रभारी उप चुनाव आयुक्त ने 13 मई को हालात का जायजा लिया था। उन्होंने रिपोर्ट सौंपी कि चुनावी तैयारियां तो आयोग के मुताबिक चल रही हैं, लेकिन जब सभी प्रत्याशियों को प्रचार के लिए बराबर और मतदाताओं को भयमुक्त माहौल देने की बात आती है तो जिला प्रशासन और पुलिस से सहयोग नहीं मिल रहा। चुनाव अफसरों और लोगों में भय का माहौल है।

चुनाव आयोग के फैसले के बाद ममता बनर्जी ने आयोग पर ही हमला बाेला। उन्होंने कहा कि- ‘मैंने आरएसएस के लोगों से भरा चुनाव आयोग कभी नहीं देखा। राज्य में कानून-व्यवस्था की ऐसी कोई समस्या नहीं है, जो यहां अनुच्छेद 324 लागू करना पड़े।’ दूसरी ओर, कांग्रेस नेता अहमद पटेल और माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि अगर हिंसा को देखते हुए प्रचार रोकने की नौबत आ गई तो आयोग गुरुवार तक इंतजार क्यों कर रहा है? क्या इसलिए, क्योंकि गुरुवार शाम को वहां प्रधानमंत्री मोदी की दो रैलियां हैं?

बता दें कि गुरुवार को मोदी की दमदम और लक्ष्मीकांतपुर में रैलियां हैं। दमदम की रैली शाम साढ़े चार बजे शुरू होगी।