सर्दियों में वजन तेजी से बढ़ता है, रखें इन बातों ख्याल नहीं तो होगी मुश्किल-

सर्दियों के मौसम में जब ठंडी हवाएं चलती हैं तो मन को काफी सुकून मिलता है। इस मौसम को खाने−पीने का मौसम कहा जाए तो गलत नहीं होगा। ठंड के मौसम में सुबह की शुरूआत चाय या कॉफी से होती है और रात होते−होते व्यक्ति गर्मागर्म पकौड़े, समोसे, गाजर का हलवा या गुलाब जामुन जैसे कई हाई कैलोरी व शुगर युक्त चीजों का सेवन कर लेता है। जिसके कारण वजन का बढ़ना लाजमी है। लेकिन अगर आप चाहते हैं कि इस मौसम में भी आपका वजन नियंत्रित रहे तो कुछ बातों पर विशेष रूप से ध्यान दें−

सर्दी के मौसम में नियमित रूप से एक्सरसाइज करना आवश्यक है। चूंकि इस मौसम में कम्बल से निकलने का मन ही नहीं करता, इसलिए व्यक्ति अपने व्यायाम को लेकर नियमित नहीं हो पाता। जिसके कारण शरीर का कैलोरी काउंट बढ़ने लगता है और व्यक्ति धीरे−धीरे मोटा हो जाता है।

जरूरत से ज्यादा सोना-
सर्दी का मौसम आते ही लोग शाम होते ही कंबल में घुस जाते हैं और सुबह देर से उठते हैं। इस तरह का रूटीन मोटापे का कारण बनता है। कोशिश करें कि आप अपने सोने का समय निर्धारित करें और निर्धारित समय पर ही सोएं व उठें। जहां तक संभव हो, सुस्ती से बचने का प्रयास करें।

ऐसा हो भोजन-
सर्दी के मौसम में भोजन पर विशेषतौर पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। कोशिश करें कि आपका नाश्ता हाई प्रोटीन हो। इससे आपको पूरा दिन काम करने की ऊर्जा तो मिलेगी ही, साथ ही प्रोटीन को पचाने में शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके अतिरिक्त प्रोटीनयुक्त आहार सुबह करने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है, जिससे व्यक्ति अतिरिक्त कैलोरी का सेवन करने से बच जाता है। वहीं अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल व सब्जियां अवश्य शामिल करें। अगर आपका कुछ गरमा−गरम पीने का मन कर रहा है तो चाय या कॉफी के स्थान पर सूप को प्राथमिकता दें।

भरपूर पीएं पानी-
ठंड के मौसम में पानी की प्यास कम लगती है और कम पानी पीने के कारण शरीर में विषाक्त पदार्थ इकट्ठा होने लगते हैं। जो कहीं न कहीं वजन बढ़ने, सुस्ती व बीमारी का कारण बनते हैं। इसलिए कम प्यास लगने के बावजूद भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। ऐसा करने से विषाक्त पदार्थ तो शरीर से बाहर निकलेंगे ही, साथ ही पेट भी लंबे समय तक भरा रहेगा और आप अतिरिक्त कैलोरी का सेवन करने से बच जाएंगे |

लें छोटी बाइट-
ठंड का मौसम होता ही कुछ ऐसा है कि हमेशा गर्मागर्म, फ्राईड या शुगर युक्त भोजन खाने का मन करता है। जरूरी नहीं है कि वजन को नियंत्रित रखने के लिए आप अपने मन को पूरी तरह मार दें। बस, कोशिश करें कि आप छोटी बाइट लें। मसलन, एक पूरा गुलाब जामुन खाने के स्थान पर उसकी एक छोटी बाइट लें। साथ ही हैवी, फ्राईड व शुगर युक्त भोजन को अपनी आदत न बनाएं। आप सप्ताह या दस दिन में एक बार इस तरह का खाना खा सकते हैं।