काबुल में बंद हुए वीजा केंद्र, जानें क्या है वजह-

काबुल। काबुल में पाकिस्तान दूतावास ने कहा कि वह अफगानिस्तान की राजधानी में अपने वाणिज्यिक कार्यालय को सुरक्षा कारणों से अनिश्चितकाल के लिये बंद कर रहा है। पाकिस्तान ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया है जब हाल के दिनों में दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ा है। वीजा प्रभाग का बंद होना कई अफगानिस्तानियों के लिये बड़ा झटका है क्योंकि रोजाना सैकड़ों लोग इलाज, सामान लाने-ले जाने और विश्वविद्यालयों में शिक्षा के उद्देश्य से वीजा के लिये आवेदन करते हैं। दूतावास के प्रवक्ता द्वारा रविवार को व्हॉट्सऐप पर साझा किये गए एक संदेश के मुताबिक वाणिज्यिक अनुभाग सोमवार से “अगली सूचना तक” बंद रहेगा।

प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि वाणिज्यिक विभाग रोजाना लगभग 1500 वीजा आवेदनों को देखता है। इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विदेश विभाग ने कहा कि अफगानिस्तान दूतावास के अधिकारी को समन कर उन्हें “काबुल में पाकिस्तानी दूतावास और उसके उप-मिशनों में काम कर रहे लोगों की सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताओं से अवगत कराया गया है।” मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दूतावास कर्मियों को परेशान किया जा रहा है। बयान में कहा गया कि उन्हें सड़कों पर रोका जाता है और दूतावास की तरफ जाते समय दूतावास की गाड़ियों को मोटरसाइकिलों द्वारा टक्कर भी मारी जाती है।

पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन भी आम बात है और यह कई बार इसलिये भी होता है क्योंकि लोग वीजा के लिये लंबे इंतजार के समय या फिर सुरक्षा जांच के लिये लंबी कतार में खड़े होने से नाखुश होते हैं। इस्लामी गणराज्य अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हाल में कुछ वजहों से रिश्तों में कड़वाहट देखने को मिली है और इनमें से एक यह भी है कि अफगान मानते हैं कि पाकिस्तान कथित रूप से तालिबान का समर्थन करता है। पाकिस्तान ने विद्रोही गुटों की मदद से इनकार किया है।

अफगानिस्तान की पूर्वी सीमा पर कुनार में हाल में हुई झड़पों के बाद भी तनाव में इजाफा हुआ है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के सैनिकों पर सीमा-पार गोलीबारी का आरोप लगाते रहे हैं। हेरात, जलालाबाद और मजार-ए-शरीफ में पाकिस्तानी वाणिज्यिक सेवाएं खुली हैं और दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि अगर वीजा की तत्काल जरूरत हो तो आवेदक जलालाबाद जा सकते हैं।