गाड़ी पर स्टाइल में नंबर लिखाएंगे तो जेब पर बढेगा खर्च, जानिए क्या है मामला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कई गाड़ियों पर नंबर प्लेट की जगह ‘बॉस’ ‘पापा’ और ‘राम’ जैसे नंबर लिखे होते हैं। अब ऐसे नंबर्स लिखाने का शौक गाड़ी मालिकों की जेब पर भार बढ़ेगा। आरटीओ इन नंबर्स को वीआईपी नंबर्स में रखने जा रहा है। रजिस्ट्रेशन के बाद इन नंबर्स को लेने के लिए ज्यादा रुपये देने होंगे। अधिकारियों ने बताया कि रजिस्ट्रेशन नंबर 4141 को स्टाइल में लिखवाने पर वह पापा, 8055 नंबर बॉस और इसी तरह 0124 नंबर हिंदी में राम नजर आता है। इसी तरह के नंबर्स को वीआईपी नंबरों से लिस्ट में शामिल किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के फैसले के बाद स्टाइलिश नंबर लिखवाने वालों की संख्या कम होगी और विभाग का राजस्व बढ़ेगा। आरटीओ ने प्रस्ताव बनाकर परिवहन विभाग को भेज दिया है। केंद्रीय मोटर वाहन नियम के 1989 के अनुसार वाहनों पर रजिस्ट्रेशन नंबर साफ और स्पष्ट शब्दों में लिखा जाना चाहिए। कोई वाहन में स्टालिश या टेढ़े-मेढ़े नंबर लिखाता है तो यह दंडनीय अपराध है। इस अपराध पर मात्र 100 रुपये का जुर्माना ही लगाया जाता है। एआरटीओ प्रशासन राघवेंद्र सिंह ने बताया कि इस तरह का फैसला लागू होने के बाद ऐसे लोगों पर नियंत्रण हो सकेगा जो स्टालिश नंबर्स + गाड़ियों की नंबर प्लेट पर लिखवाते हैं।

परिवहन विभाग को भेजे गए प्रस्ताव में आरटीओ ने लिखा है कि फैंसी नंबर्स आजकल मांग में हैं। लोग इस तरह के नंबर्स के लिए इंतजार करते हैं। कई लोग तो स्टाइलिश नंबर आने तक गाड़ियों का रिजस्ट्रेशन तक नहीं कराते। स्टाइलिश नंबर्स के लिए आरटीए के कर्मचारियों से लोग प्रार्थना करते हैं तो कई दबाव तक डलवाते हैं। प्रदेश के परिवहन विभाग अब वीआईपी नंबर्स के लिए ऑनलाइन नीलामी शुरू करने जा रहा है। विभाग के पास 350 नंबर्स की लिस्ट है जिन्हें वीआईपी नंबर्स की श्रेणी में रखा गया है। इन नंबर्स को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी मोस्ट अट्रैक्टिव (सर्वाधिक आकर्षक) नंबर दूसरी अट्रैक्टिव नंबर्स (आकर्षक नंबर) और तीसरी इंपॉर्टेंट नंबर्स (महत्वपूर्ण नंबर) की श्रेणी है।
-एजेंसी