UP PCS जे का अंतिम चयन रिजल्ट घोषित, गोंडा की आकांशा तिवारी ने किया टॉप

लखनऊ | उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने तमाम विवादों के बीच शनिवार देर शाम उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया। पीसीएस-जे के 610 पदों पर भर्ती के लिए घोषित किए गए रिजल्ट में गोंडा जिले की आकांक्षा तिवारी ने टॉप किया है, जबकि मल्लीताल, नैनीताल के हरिहर गुप्ता ने मेरिट में दूसरा और आजमगढ़ के प्रतीक त्रिपाठी ने तीसरा स्थान हासिल किया है। परिणाम आयोग के सूचना बोर्ड और वेबसाइट पर उपलब्ध है।

गाजियाबाद की एकाग्रता सिंह को मेरिट में चौथा और गोंडा के गंधर्व पटेल को पांचवां स्थान हासिल हुआ है। आयोग के सचिव जगदीश के अनुसार जिन 610 पदों पर भर्ती हुई है, उनमें अनारक्षित वर्ग के 306, ओबीसी वर्ग के 164, एससी वर्ग के 128 और एसटी वर्ग के 12 पद शामिल हैं। क्षैतिज आरक्षण के तहत दिव्यांग पीबी श्रेणी के एक और पीडी श्रेणी के सात पदों के लिए कोई अभ्यर्थी उपलब्ध न होने के कारण इन पदों को काल्पनिक रूप से अग्रेनीत किए जाने की संस्तुति की गई है।

गौरतलब है कि पीसीएस जे की प्रारंभिक परीक्षा पिछले साल 16 दिसंबर को आयोजित की गई थी, जिसके लिए 64691 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे और 38209 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम पांच जनवरी को घोषित किया गया और 30, 31 जनवरी एवं एक फरवरी को मुख्य परीक्षा कराई गई। मुख्य परीक्षा के लिए 6041 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था और 5795 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। आयोग ने 13 जून को मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी करते हुए साक्षात्कार में शामिल होने के लिए 1847 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया था। इनमें से 1823 अभ्यर्थी साक्षात्कार में शामिल हुए जबकि 24 अभ्यर्थी अनुपस्थित थे।

औपबंधिक रूप से सफल अभ्यर्थियों से मांगे अभिलेख-
आयोग ने पीसीएसजे के अंतिम चयन परिणाम में औपबंधिक रूप से सफल अभ्यर्थियों से साक्षात्कार परिषद द्वारा दिए गए समय के अंदर वांछित अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा है, अन्यथा उनका चयन निरस्त कर दिया जाएगा।

जल्द जारी होगा कटऑफ-
आयोग के सचिव के अनुसार परीक्षा परिणाम से संबंधित प्राप्तांक एवं श्रेणीवार कटऑफ अंक की सूचनाएं जल्द ही आयोग की वेबसाइट पर पर प्रदर्शित की जाएंगी। इस संबंध में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त प्रार्थनापत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे और न ही उन पर विचार किया जाएगा।