अब शिक्षक बनने के लिए स्नातक में लाने होंगे 50 फीसदी अंक, UP कैबिनेट ने लिए यह बड़े फैसले-

लखनऊ | राजधानी लखनऊ के लोकभवन में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में शासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों को नौकरी पाने के लिए स्नातक में 50 फीसदी अंक लाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी। बैठक में 34 प्रस्तावों पर भी सहमति बनी। बता दें कि अभी तक शिक्षक बनने के लिए ऐसी कोई अनिवार्यता नहीं थी। बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा में घर खरीदने वालों व बिल्डर्स को राहत देने वाले प्रस्तावों पर भी सरकार ने मुहर लगा दी।

कैबिनेट ने इन प्रस्ताव पर लगाई मुहर
नोएडा सेक्टर 71 से ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क तक 15 किमी मेट्रो लाइन को मंजूरी।

  • बुनकरों को मिल रही बिजली सब्सिडी की नीति बदलेगी। करीब 850 करोड़ भार पड़ता था जबकि 150 करोड़ की सब्सिडी ही मिलती थी। 90 हजार कनेक्शन के लिए बजट प्रवाधान था जबकि 2.37 लाख कनेक्शन थे, जिनका काफी दुरुपयोग हो रहा था।
  • नई नीति में एक एचपी पॉवरलूम को हर माह 240 यूनिट 3.50 रुपये में दिया जाएगा।
  • 0.5 एचपी पर 120 यूनिट 3.50 रुपये में मिलेगी।
  • इन्हें सब्सिडाइज सोलर पैनल मिलेगा।
    इन फैसलों को भी मिली मंजूरी
  • डिफेंस इंडस्ट्रियल एयरो स्पेस एंड एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी में संशोधन।
  • जमीन पर 25% सब्सिडी।
  • 0% स्टाम्प ड्यूटी में छूट।
  • 30 पीडब्ल्यूडी में मार्ग सेतु, भवन और सड़क पर जीएसटी लागू करने को मंजूरी, 12% जीएसटी लगेगी।
  • कैग की रिपोर्ट मिली है।
  • भदोही निर्माण प्राधिकरण में भवन नियमावली में बदलाव।
  • सुल्तानपुर के 33 राजस्व गांव को सदर क्षेत्र से दूसरी तहसील में शिफ्ट।
  • केजीएमयू में विभिन्न विभागों के निर्माण में उच्च विशिष्ट जोड़ेगी।
  • आरएमएल में प्रथम निर्माण।
  • 200 करोड़ से अधिक की लागत।
  • 4 अफसरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई को मंजूरी।
  • 18 शोहरत गढ़, तंबौर, महराजगंज, कोंच, खलीलाबाद, लखनऊ, वाराणसी का सीमा विस्तार।
  • 8 नए फ्यूल स्टेशन पॉलिसी मंजूर।
  • मेगा प्रोजेक्ट वाली चार यूनिटों को 326 करोड़ का इंसेंटिव देने पर बनी सहमति।
  • औद्योगिक नीति में बदलाव को मिली मंजूरी।
  • बिल्डर्स के जो मामले सरकारी वजहों मसलन जमीन न मिलने, पॉलिसी में फंसे होने या ऑथरिटी के गलती से फंसे हैं, उनके लिए फंसी हुई अवधि ‘जीरो पीरियड’ मानी जाएगी। उनका इंट्रेस्ट माफ किया जाएगा। यह छूट उन्हीं बिल्डर को दी जाएगी, जो इसका फ़ायदा बायर्स को देंगे साथ ही जून 2021 तक पजेशन देंगे। गड़बड़ी करने वाले अफसरों पर कार्रवाई भी होगी।
  • पीडब्ल्यूडी संचालित करेगा।
  • एनएचएआई, स्टेट हाइवे पर एक किलोमीटर या जिला मार्ग में 600 मीटर, निजी मार्ग या अन्य पर 300 मीटर की दूरी पर लगाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 300 मीटर दूरी पर लगाया जाएगा।
    35×35 मीटर एरिया मैदानी, 20×20 शहरी या पहाड़ी क्षेत्र में एरिया होगा। 3 लाख लाइसेंस फीस होगी।