अलीगढ : पुलिस से परेशान पीड़ित ने BJP सांसद कार्यालय पर खुद को लगाई आग, दरोगा सस्पेंड

अलीगढ | झगड़े के मुकदमे में धाराएं हटाए जाने से आहत फैक्ट्री मजदूर ने शनिवार शाम सांसद कार्यालय में खुद को आग लगाकर जान देने की कोशिश की। आनन-फानन में आग बुझाकर उसे नाजुक हालत में जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। एसएसपी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। मामले में दरोगा विवेक कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

मूल रूप से एदलपुर चांदगड़ी निवासी पवन, पुत्र मुनेशपाल सिंह देवी नगला स्थित एक हार्डवेयर कारखाने में मजदूरी करता है। वह अभी निधिवन कॉलोनी में रहता है। वाकया 25 मई का है। कुत्ता टहलाने के विवाद में उसका मोहल्ले के ही टिंकू से झगड़ा हो गया था। आरोप के अनुसार टिंकू और उसके परिजनों ने पवन को बेरहमी से पीटा था। मौके पर पहुंची पीआरवी ने उसे दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया था। पवन के छोटे भाई पंकज ने थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने कई चक्कर लगवाने के बाद दो जून को मारपीट और हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के साथ-साथ दूसरे पक्ष की तहरीर पर भी पवन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

बाद में पवन पक्ष की ओर से दर्ज मुकदमे में से हमले की धारा हटा दी। इसे लेकर वह लगातार चक्कर लगा रहा था। शनिवार शाम छह बजे वह अपनी मां साधना और भाई संग सांसद सतीश गौतम के विद्या नगर स्थित कार्यालय पहुंचा। वहां सांसद मौजूद थे। इसी बीच, वह वहां बने बाथरूम में गया और खुद पर केरोसिन डालकर आग लगाने के बाद सांसद के समर्थन में नारेबाजी करते हुए बाहर निकल आया। आनन-फानन में आग बुझाई और सांसद ने तत्काल उसे मेडिकल कॉलेज भिजवाया। उसके पास से चार पेज का नोट भी मिला है, जिसके आधार पर पुलिस अधिकारी परीक्षण कर रहे हैं।

सांसद कार्यालय से जारी अधिकारिक बयान में कहा गया है कि एफआईआर में पुलिस द्वारा की गई लापरवाही में भावुकतावश पवन ने खुद को आग लगाई है। मेडिकल कॉलेज में उसे भर्ती कराकर सांसद ने पुलिस रिपोर्ट में कड़ी कार्रवाई के लिए अधिकारियों से कहा है। पवन के संपूर्ण इलाज की व्यवस्था कराई जा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रदेश पुलिस मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है। एसएसपी आकाश कुलहरि का कहना है कि लापरवाही में ज्वालापुरी चौकी इंचार्ज विवेक गुप्ता को निलंबित कर दिया है। एसपी सिटी को जांच सौंपी है। जांच में जो दोषी पाया जाएगा कार्रवाई की जाएगी।