सावधान ! दीपावली पर गोरखपुर को दहलाने साजिश रच रहे आतंकी, एसपी को भेजा पत्र

गोरखपुर । सावधान ! दीपावली पर्व को धमाकेदार बनाने की साजिश रच रहे हैं आतंकी। जानकारी मिलते प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है। समस्तीपुर मंडल सुरक्षा आयुक्त अंशुमान त्रिपाठी ने आतंकी घटना की संभावना जताते सहरसा सहित राज्य के दो दर्जन जिले के डीएम और एसपी को पत्र भेजा है।

पत्र में मंडल सुरक्षा आयुक्त ने कहा है कि इस बार दीपावली काफी धमाकेदार होगी पूरा हिन्दुस्तान देखेगा और याद रखेगा.. ऐसा गोरखपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास पांच व्यक्तियों को आपस में बातचीत करते हुए सुना गया। पांचों व्यक्तियों की अनुमानित उम्र 35 से 45 वर्ष है। पांचों व्यक्तियों को स्विफ्ट डिजायर कार से देखा गया है। आतंकी घटना की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। पत्र में मंडल सुरक्षा आयुक्त ने जिक्र करते कहा है कि समस्तीपुर मंडल के अधिकांश रेलवे स्टेशन नेपाल बार्डर से सटा है। इस कारण डीएम और एसपी अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों को सुरक्षा बढ़ाते चौकसी व निगरानी रखने का निर्देश दे।

मंडल सुरक्षा आयुक्त के मिले पत्र के आलोक में सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, मधेपुरा, अररिया, दरभंगा, समस्तीपुर, मोतिहारी, सीतामढ़ी, बेतिया, रक्सौल, जयनगर, मुजफ्फरपुर सहित राज्य के अन्य जिले के डीएम और एसपी ने पूरे प्रशासनिक महकमा को अलर्ट कर दिया है। चेकिंग और चौकसी बढ़ा दी गई है। लेकिन आतंकी के नेपाल के रास्ते बिहार में घुसने की संभावना या मंडल सुरक्षा आयुक्त के द्वारा कोई भी पत्र भेजने के सवाल पर बोलने से बच रहे हैं। सहरसा एसपी राकेश कुमार ने मंडल सुरक्षा आयुक्त द्वारा भेजे गए पत्र के सवाल पर कुछ भी बोलने से बचते हुए सिर्फ इतना कहा कि आगामी पर्व त्योहार को लेकर पुलिस प्रशासन को अलर्ट करते चौकसी बरतने का निर्देश दिया गया है।

रेल एसपी कटिहार और मुजफ्फरपुर को भी लिखा है पत्र : मंडल सुरक्षा आयुक्त ने डीएम और एसपी की तरह रेल एसपी कटिहार व रेल एसपी मुजफ्फरपुर को भी पत्र लिखा है। रेलवे स्टेशनों व ट्रेनों की चौकसी बढ़ाने का अधीनस्थ पदाधिकारियों को लिखा गया है।

एनआईए की टीम घूम रही कोसी क्षेत्र में
आतंकी धमाके की संभावना से संबंधित पत्र मिलने के बाद कोसी क्षेत्र में एनआईए की टीम के घूमने की सूचना से सनसनी है। सूत्रों की माने तो एनआईए की टीम सहरसा सहित पड़ोसी जिले में घूम रही है और सीधे डीएम व एसपी के संपर्क में है। हालांकि इस मामले में भी कुछ बताने से प्रशासनिक अधिकारी बच रहे हैं।