#सरकार का निर्यात #संवर्द्धन,#औद्योगिक गलियारों पर होगा जोर : #सुरेश #प्रभु

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि राजग सरकार के अंतिम एक साल में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय निर्यात को गति देने के लिये व्यापक कार्य योजना बनाने समेत विभिन्न क्षेत्रों पर काम करेगी तथा औद्योगिक गलियारों पर विशेष जोर होगा। पिछले चार साल में अपने मंत्रालय के कामकाज को लेकर संतोष जताते हुए प्रभु ने कहा कि निर्यात के साथ – साथ औद्योगिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिये कई कदम उठाये गये हैं तथा निकट भविष्य कई और कदम उठाये जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘हम इस साल कृषि निर्यात नीति जारी करेंगे। इसके अलावा लाजिस्टिक केंद्र बनाये जायेंगे और एक मल्टी मॉडल (लाजिस्टिक) विधेयक इस साल लाएंगे।’’ प्रभु ने कहा, ‘‘मैंने विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) से निर्यात बढ़ाने के लिये देश और उत्पाद विशेष योजना तैयार करने को कहा है … हमने उन्हें इसके लिये इस महीने अंत तक का समय दिया है।’

मंत्रालय ने निर्यात को बढ़ाने के लिये निर्यातकों के शीर्ष संगठन फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशंस (फियो) से सभी निर्यात संवर्द्धन परिषदों को शामिल करने तथा अपनी खुद की योजना तैयार करने को कहा है। प्रभु ने यह भी कहा कि मंत्रालय नई औद्योगिक नीति लेकर आएगा और औद्योगिक गलियारों पर विशेष जोर देगा। ये गलियारें अभी क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम भौगोलिक संकेतकों (जीआई) को लेकर अभियान शुरू करेंगे और आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने के लिये जिला स्तर की योजना लाएंगे। यह सब इस साल होगा।’’ भौगोलिक संकेतकों से आशय ऐसे उत्पादों से हैं जो निश्चित स्थान विशेष से जुड़ा हो। इसमें दार्जीलिंग टी, तिरूपति लड्डू, कांगड़ा पेंटिंग्स , नागपुर संतरा आदि शामिल हैं। वर्ष 2017- 18 में देश का निर्यात करोबार 9.78 प्रतिशत बढ़कर 303 अरब डालर पर पहुंच गया।