अयोध्या निर्णय: सीएम योगी बोले- ‘इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का राम मंदिर मामले में फैसला इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने ब्रह्मलीन डा. स्वामीराम को लोक कल्याण के लिए समर्पित संत बताया। डा.स्वामीराम की 24वीं पुण्यतिथि पर जौलीग्रांट स्थित हिमालयन इंस्टी्टयूट में हुए वार्षिकोत्सव में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार में हमें कोई योगी जीवन देता है तो उसके त्याग को नहीं भुलाना चाहिए। कहा कि ऋषि-मुनियों ने शास्त्रों में इस बात को साफ किया है कि हिमालय को आधार मानकर ही देश का नाम रखा गया है।

सीएम योगी ने कहा कि सभी देवताओं की उपासना भारत माता की पूजा में निहित है। 1983 में भारत माता मंदिर बनाकर स्वामी सत्यमित्रानंद ने भारत माता के लिए सर्वस्व समर्पण का भाव जाहिर किया था। स्वामी सत्यमित्रानंद ने कभी किसी के साथ छोटे-बड़े का भेदभाव नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे डॉ. विजय धस्माना का अभिनंदन करेंगे क्योंकि उन्होंने स्वामी राम मानवता सम्मान के लिए उचित व्यक्तित्व को चुना। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद को यह पुरस्कार दिए जाने से वे बहुत प्रफुल्लित हैं।

स्वामी सत्यमित्रानंद स्वयं इस पुरस्कार की चयन समिति के सदस्य रहे हैं अब उन्हें यह सम्मान दिया जाना अचंभित करता है। कहा कि स्वामीराम जीवन मुक्त पुरुष थे। विराट प्रतिभा के धनी थे। उनके साहित्य में उनकी विलक्षणता झलकती है। डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि पीएम की आयुष्मान भारत योजना को हिमालयन हॉस्पिटल ने शत-प्रतिशत सफल बनाया है। पूरे देश में ये हॉस्पिटल इस योजना को आगे बढ़ाने में प्रथम स्थान पर है। जिस भावना से स्वामीराम ने इस संस्थान की स्थापना की, उसे आगे बढ़ाने में सभी का सहयोग रहा है।