बुलंदशहर हिंसा : किसान के बेटे सुमित की भी हुई है मौत, सिपाही बनने का था सपना, पुलिस की FIR में है आरोपी

बुलंदशहर | कथित गौ-रक्षकों की उन्मादी भीड़ ने न सिर्फ पुलिस इंस्पेक्टर की ह्त्या की बल्कि एक छात्र को भी लील लिया | हत्यारों की गोली से बीए के छात्र सुमित की मौत हो गयी | घर के लाडले की हत्या से परिवार सहम गया है | हालाँकि पुलिस द्वारा दर्ज की गई रिपोर्ट में वह हमलावर है लेकिन पुलिस सभी बिन्दुओं पर जाँच कर रही है कि वह प्रत्यक्षदर्शी था या हमलावर | हालाँकि देर शाम रिपोर्ट से उसका नाम हटाने और 5 लाख रूपये मुआवजा देने की प्रशासन के आश्वासन पर सुमित का अंतिम संस्कार कर दिया गया |

बुलंदशहर में हुए बवाल में मारे गए सुमित कुमार दलाल की मौत का गम परिवार जिंदगी भर नहीं भूल पाएगा। जहां सुमित की बड़ी बहन सदमे में है तो वहीं परिजनों का कल से ही रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बिलखते हुए कहा कि वह घर में सबसे छोटा और सभी का लाडला था। सुमित पुलिस में सिपाही बनने का सपना देख रहा था लेकिन स्याना में चिंगरावठी पुलिस चौकी पर हुए बवाल में सुमित जान गांव बैठा । परिजन और पुलिस सुमित को आनन फानन में बुलंदशहर से मेरठ के आनंद अस्पताल में लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, बड़ी बहन बबली अस्पताल के गेट पर ही बेहोश हो गई, परिजनों ने किसी तरह बहन को संभाला।

स्याना थाना क्षेत्र के चिंगरावठी निवासी सुमित कुमार दलाल (19) पुत्र अमरजीत चौधरी अमर सिंह डिग्री कॉलेज लखावटी से बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। युवक ने यूपी पुलिस सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा भी दी थी, जिसका रिजल्ट अभी आना है। साथ ही अन्य परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था।सोमवार दोपहर को सुमित का एक दोस्त अरविंद घर पर शादी का कार्ड देने के लिए आया हुआ था। चाय पीने के बाद उसका दोस्त बोला कि वह उसे रास्ते में छोड़ आए तो सुमित उसे बाइक पर लेकर गया था। चिंगरावठी पुलिस चौकी के सामने बस स्टॉप पर छोड़ने चला गया। थोड़ी ही देर बाद उसके गोली लगने की सूचना परिजनों को मिली।

किसान का बेटा था सुमित-
आंखों में आंसू, कांपते होंठ और चेहरे पर भाई की मौत के गम की असहनीय पीड़ा। आनंद अस्पताल के बाहर बैठी बड़ी बहन बबली छोटे भाई सुमित की मौत के बाद बिलख रही थी। बबली का कहना था कि उनका तो सब कुछ चल गया, सुमित चार बहन और दो भाइयों में सबसे छोटा था। सुमित का बड़ा भाई विनीत आईपी कॉलेज बुलंदशहर से बीए फाइनल कर रहा है। दो बहनों की शादी हो चुकी है। सुमित के पिता अमरजीत किसान हैं। परिवार चाहता था कि सुमित सिपाही बने और देश की सेवा करे, साथ ही परिवार की जिम्मेदारी में पिता का हाथ बटाए। बड़ी बहन बबली और भाई विनीत ने बिलखते हुए कहा कि उनके भाई का इस बवाल से कोई लेना देना नहीं है। वह बवाल में शामिल नहीं था। आनंद अस्पताल केमैनेजर मुनीश पंडित ने बताया कि सुमित को सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गढ़ रोड स्थित आनंद अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके सीने में गोली लगी हुई थी।

पुलिस ने पिता-भाई से की पूछताछ-
बबली ने बताया कि सुमित को उसके पिता, भाई और अन्य परिजन आनंद अस्पताल लेकर आए थे। यहां से पुलिस उनके पिता अमरजीत और भाई विनीत को भी अपने साथ ले गई है। उनके परिवार को पिता और भाई से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। बाद में पुलिस ने सुमित के पिता ओर भाई को छोड़ दिया।