उत्तर प्रदेश: पेंशन के लिए राज्यकर्मी हड़ताल पर अड़े, योगी सरकार ने लगाया एस्मा

लखनऊ | उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने छह महीने के लिए एस्मा लागू कर दिया है। मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय और विभागीय वरिष्ठ अफसरों के साथ कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के नेताओं की सोमवार की देर रात हुई वार्ता विफल रही। इसके बाद कर्मचारी नेताओं ने छह फरवरी से महाहड़ताल पर जाने का ऐलान किया, वहीं सरकार ने प्रस्तावित हड़ताल के प्रति सख्त रवैया अपनाते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

हड़ताल पर प्रतिबंध की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। साथ ही हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों पर उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम-1966 के तहत सभी विभागों व संस्थानों में हड़ताल पर छह माह के प्रतिबंध लगाने के साथ ही एस्मा लगाने का फैसला किया है। हड़ताल में शामिल होने के लिए किसी कर्मचारी को छुट्टी भी नहीं मिलेगी। वार्ता में मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी, अध्यक्ष डा. दिनेश चंद्र शर्मा, संरक्षक बाबा हरदेव सिंह, शिक्षक एमएलसी चेत नारायण सिंह सहित 20 मंच नेताओं ने भाग लिया। मुख्य सचिव ने पुरानी पेंशन देने में अपनी मजबूरी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वे केंद्र सरकार से बंधे हैं। इसलिए राज्य स्तर पर वे ऐसा फैसला नहीं ले सकते हैं। 

कर्मचारी नेताओं का तर्क था कि 13 लाख कर्मचारियों, शिक्षकों और अधिकारियों का पैसा वे शेयर में नहीं लगाने देंगे। कर्मचारी नेताओं के तेवरों के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने प्रस्तावित हड़ताल के प्रति सख्त रवैया अपनाने का फैसला किया है। मुख्य सचिव ने मातहतों को भेजे निर्देर्शों में कहा है कि कुछ सेवा संगठनों द्वारा छह फरवरी से हड़ताल करने की संभावना है, इसलिए यूपी सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 के तहत हर सरकारी सेवक अपनी ड्यूटी के प्रति निष्ठा और समर्पण रखेगा। कोई हड़ताल में न शामिल होगा, न मदद करेगा। प्रदेश सरकार ने राज्य विश्वविद्यालयों एवं उनसे संबद्ध महाविद्यालयों की सभी सेवाओं में हड़ताल पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध पांच जून 2019 तक लागू रहेगा। यह फैसला इसलिए किया गया है ताकि विश्वविद्यालयीय परीक्षाओं के आयोजन में कोई बाधा न पड़े।