क्या एलियंस ने ली थी पहले अंतरिक्ष यात्री यूरी गगारिन की जान

दशकों बाद आखिर खुला दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री की मौत का रहस्य. रूस में सार्वजनिक हुई मौत की रिपोर्ट

पहली बार अंतरिक्ष में जाकर इतिहास रचने वाले यूरी गगारिन की मौत आखिर कैसे हुई यह अब तक रहस्य बना हुआ था. कुछ लोग इसे हादसा कहते, कुछ लोग इसे आत्महत्या कहते, तो कुछ ने माना एलियंस ने उनकी जान ले ली तो कुछ का कहना था कि साजिश रचकर उनकी हत्या की गई. अपनी 108 मिनट की अंतरिक्ष यात्रा के सात साल बाद यूरी की मौत मिग फाइटर विमान उड़ाते समय क्रैश हो जाने से हुई थी.


आखिर सामने आई सही वजह
यूरी गगारिन की मौत के इतने दशकों बाद आखिर ये पता चला कि उनकी मौत की सही वजह क्या थी. रूसी सरकार ने हमेशा मौत के कारणों को छुपा कर रखा. लेकिन यूरी के साथी और पहली बार स्पेस वॉक करने वाले ऐलेक्से लिनोव ने जांच के उन दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जिनमें उनकी मौत का सही कारण था. ये दस्तावेज क्रेमलिन में सीक्रेट तौर पर रखे हुए थे. उनकी मौत जेट के खराब मौसम में फंस जाने से हुई थी. लिनोव ने बताया कि यूरी जब मिग उड़ा रहे थे, तभी एक दूसरा फाइटर प्लेन उनके विमान के इतने करीब आ गया कि उन्होंने बचने के लिए जब अपने विमान के साथ गोता लगाया तो वे बादलों से टकरा गए. विमान चकराने लगा और जमीन पर आ गिरा. इस दौरान उनके विमान की स्पीड 750 किमी प्रति घंटा थी.

20 साल बाद सरकार ने दी इजाजत 
79 साल के लिनोव ने बताया कि वे 20 साल से यूरी की मौत की रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहते थे लेकिन उन्हें सरकार इजाजत नहीं दे रही थी. उन्होंने कहा कि सरकार ने आखिरकार ये मौका दिया कि लोगों को बताया  जाए कि एक हीरो की मौत कैसे हुई. बकौल लिनोव, यूरी शानदार पायलट थे. जब उनकी मौत हुई तब वे कॉस्मोनेट ट्रेनिंग सेंटर के डिप्टी ट्रेनिंग डायरेक्टर थे.

कमेटी ने बताया – कुछ ऐसे थे वह आखिरी क्षण 

लिनोव ने यूरी की मौत का रहस्य जानने के लिए एक कमेटी का गठन किया. जांच में पता चला कि एस यू फाइटर यूरी के प्लेन से महज 50 किमी. दूर था. इस समय यूरी के विमान की गति 750 किमी प्रति घंटा थी. ऐसे में सिर्फ 55 सेकेंड में ही यूरी का विमान हादसे का शिकार हो जाता. जैसे ही एस यू विमान यूरी के नजदीक आया, वैसे ही विमान को झटका लगा. वो गोता खाकर गहरे बादलों से टकरा गया. इसके बाद विमान की टेल तेजी से घूमने लगी. जिसे यूरी के लिए संभालना असंभव हो गया. फिर विमान जमीन पर गिर गया.

कौन था वह दूसरा पायलट 
इस पूरी रिपोर्ट के बाद एक बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि वह दूसरा पायलट कौन था जिसके चलते यूरी का विमान हादसे का शिकार हुआ. इस बात पर लिनोव ने कहा कि वह पायलट अभी जिंदा है और 80 साल का है. उसकी सेहत काफी खराब है. उन्होंने बताया कि शपथ के चलते वह उसकी पहचान उजागर नहीं कर सकते हैं.

27 साल की उम्र में गए थे स्पेस
यूरी गगारिन एक बेहतरीन फाइटर पायलट थे. खराब परिस्थितियों में विमान चलाने की उनकी क्षमता के चलते ही उन्हें स्पेस प्रोग्राम के लिए चुना गया था. वो इसमें खरे भी उतरे थे. वो जब पहली बार स्पेस में गए तब उनकी उम्र महज 27 साल थी. 34 साल की उम्र में यूरी की मौत हो गई.

क्या फैली थीं अफवाहें
यूरी की मौत के बाद जो पहली बड़ी अफवाह फैली वह थी कि यूरी की हत्या हुई है. इस हत्या के पीछे सोवियत लीडर लियोनिद ब्रेजनेव का हाथ है. क्योंकि इसका कारण था कि यूरी ने पार्टी की बात नहीं मानी थी. तब ये अफवाह भी उड़ी कि यूरी शराब के नशे में विमान उड़ा रहे थे. उन्होंने आत्महत्या कर ली. इससे भी बड़ी एक और अफवाह फैली. वो ये थी कि यूरी के विमान पर एलियंस ने हमला कर दिया है. कुछ समय तक ये चर्चाएं भी होती रहीं कि यूरी जिंदा हैं. कुछ लोग ने उन्हें देखने का दावा भी किया. ये भी कहा गया कि सरकार ने उन्हें सुरक्षा कारणों से छुपा कर रखा हुआ है.