AMU बवाल : पुलिस ने अलीगढ़ में BSP पार्षद सद्दाम को गिरफ्तार कर जेल भेजा, कई और निशाने पर

अलीगढ़ । अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी में 12 फरवरी को हुए बवाल में सिविल लाइंस पुलिस ने बसपा पार्षद सद्दाम को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया। प्रकरण की जांच कर रही एसआइटी ने सर्किल पर भाजपा नेता निशित शर्मा पर हुए हमले में पार्षद को आरोपित किया है। हालांकि, पार्षद पर एसआइटी ने दो महीने पहले ही शिकंजा कस दिया था। जमालपुर प्रकरण में पार्षद के जेल जाने के बाद एसआइटी ने तलबी आदेश दाखिल किए थे, लेकिन तब तक जमानत पर पार्षद की रिहाई हो चुकी थी। वहीं कई अन्य पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है ।

एएमयू सर्किल पर 12 फरवरी को छात्रों के दो गुट भिड़े थे। जिसमें एक गुट छात्र नेता व बरौली विधायक के भतीजे अजय प्रताप सिंह का था। पुलिस अधिकारियों के सामने सर्किल पर दिनदहाड़े फायङ्क्षरग हुई, राहगीरों को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। अजय के समर्थन में आए, भाजपा नेता निशित शर्मा, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार लोधी पर भी हमला किया गया। इसके बाद कैंपस में बाइक फूंकी गईं, जाम-प्रदर्शन हुए। प्रकरण में पांच मुकदमे दर्ज हुए थे। इसमें एक मुकदमा निशित ने दर्ज कराया। मामले के तूल पकडऩे के बाद डीआइजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने सीओ अतरौली के पर्यवेक्षण में एसआइटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे। निशित के मुकदमे की जांच हाथरस में तैनात एसआइटी के विवेचक विपिन कर रहे हैं। मुकदमों सीओ तृतीय अनिल समानिया के मुताबिक एसआइटी ने निशित के मुकदमे की जांच में वार्ड 66 के पार्षद सद्दाम हुसैन का नाम खोलते हुए थाने में तहरीर दी थी। इस आधार पर जमालपुर निवासी पार्षद को सीमा टाकीज के निकट से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

जमालपुर प्रकरण में गिरफ्तारी पर स्टे-
सात अप्रैल को चुनाव के दौरान प्रचार में जुटे भाजपाईयों से जमालपुर में हुई धक्कामुक्की और काले झंडे दिखाने को लेकर भाजपा नेता रामेंद्र सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बसपा पार्षद सद्दाम, सपा पार्षद पति असलम नूर, इरफान, फुरकान, सादाब, फिरोज, अनीश, मो.आजम, इरशाद, जाहिद आदि आरोपित किया गया। तब पुलिस ने शांतिभंग में सद्दाम समेत चार लोगों को जेल भेजा था। 10 अप्रैल को इन्हें जमानत मिल गई। सीओ ने बताया कि इस मुकदमे में गिरफ्तारी पर सद्दाम ने स्टे ले रखा है।