दुनियाभर में सस्ता लेकिन मोदी सरकार ने लगातार 9वें दिन महंगा किया डीजल-पेट्रोल

नई दिल्ली। क्रूड आयल के दामों आ रहे लगातार गिरावट के कारण पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी गिरावट दर्ज हुई है वही भारत में राज्यों द्वारा संचालित तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने सोमवार को लगातार 9वें दिन पेट्रोल और डीजल की कीमत में वृद्धि की। दिल्ली में 48 पैसे की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल अब 76.26 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, डीजल में 59 पैसे की बढ़ोतरी के बाद कीमत बढ़कर 74.62 प्रति लीटर हो गई है। इससे पहले, रविवार को राजधानी में पेट्रोल की कीमत में 62 पैसे और डीजल में 64 पैसे की बढ़ोतरी हुई थी।

रविवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 62 पैसे की बढ़ोतरी के बाद 75.78 रुपये प्रति लीटर थी और 64 पैसे की बढ़ोतरी के बाद डीजल 74.03 रुपये प्रति लीटर था। वहीं, शनिवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में 59 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 58 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। स्थानीय बिक्री कर या वैट के आधार पर देश भर में दरों में वृद्धि की गई है। इस तरह, मुंबई में अब पेट्रोल 83.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल 73.21 रुपये प्रति लीटर होगा। चेन्नई निवासियों को एक लीटर पेट्रोल के लिए 79.96 रुपये और डीजल के लिए 72.69 रुपये प्रति लीटर का भुगतान करना होगा। वहीं, कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 78.10 रुपये और डीजल की कीमत 70.33 रुपये लीटर है।

प्रति दिन छह बजे बदलती है कीमत-
बता दें कि प्रति दिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।

कैसे तय होती है तेल की कीमत ?
विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। इन्हीं मानकों के आधार पर पर पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं। डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।

देश में पेट्रोल-डीजल पर टैक्स 69 फीसदी हो गया है, जो विश्व में सबसे ज्यादा है। पिछले साल तक भारत में पेट्रोल-डीजल पर 50 फीसदी तक टैक्स था। बात अगर विकसित अर्थव्यवस्था की करें तो अमेरिका में कुल कीमत का 19 फीसदी जापान में, 47 फीसदी यूके में, 62 फीसदी और फ्रांस में 63 फीसदी टैक्स के रूप में लगता है।