मायावती के भाई आनंद अभी भी सीबीआई रडार पर, फर्जी कंपनियों के जरिये खरीदी थी संपत्ति !

लखनऊ | बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार ने फर्जी कंपनियें के जरिए नोएडा में 400 एकड़ जमीन खरीदी थी। आयकर की जांच में इन बोगस कंपनियों का पूरा खुलासा हुआ है। आयकर विभाग की बेनामी विंग ने गुरुवार को नोएडा सेक्टर-92 में जिस 21 एकड़ जमीन को अटैच किया था, उसकी जांच में पता चला कि 21 एकड़ में 7 एकड़ जमीन विजन टाउन प्लानर्स लिमिटेड के नाम से 400 करोड़ में खरीदी गई। इस रकम का भुगतान कैसे और किस स्रोत से किया गया? इसकी तलाश में अघोषित कमाई की पूरी कड़ी सामने आ गई।

प्रॉपर्टी खरीदने के लिए जिस कंपनी के जरिए 400 करोड़ का भुगतान दिखाया गया है, उसकी जांच में लिंक एक अन्य कंपनी से मिला। जांच के क्रम में आनंद कुमार और विचित्रलता का फिर नाम आया। इससे साबित हो गया कि सभी कंपनियां आनंद कुमार की हैं। बोगस कंपनियों में यूरो एशिया मर्केन्टाइल, सनी कास्ट एंड फोर्ज और करिश्मा इंडस्ट्रीज थीं

आयकर विभाग की ओर से मायावती के भाई आनंद के भूखंड को अटैच करने की कार्रवाई के बाद उसके साथ नोएडा प्राधिकरण में काम कर चुके अधिकारियों पर भी अब सीबीआई की नजर है। शुक्रवार को प्राधिकरण के अधिकतर विभागों में आनंद प्रकरण को लेकर चर्चा होती रही। शुक्रवार सुबह नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने इस भूखंड से संबंधित मामले की जानकारी लेने के लिए फाइल मंगाई। सीईओ ने व्यावसायिक विभाग से संबंधित अधिकारियों से इस भूखंड के बारे में पूरी जानकारी ली। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो सेक्टर-94 स्थित इस भूखंड को एक अन्य नामी कंपनी को आवंटित किया गया था। इसके बाद यह भूखंड अन्य को बेचा गया। नोएडा प्राधिकरण के नोडल अधिकारी सलिल यादव का कहना है कि इस मामले की फाइल सीईओ ने मंगाई है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

कानपुर, लखनऊ और गाजियाबाद में जांच-
एक संपत्ति के बेनामी होने के साथ ही आयकर विभाग के पास सभी संपत्तियों की जांच के रास्ते खुल गए हैं। यूपी वेस्ट में प्रधान आयकर निदेशक जांच अमरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में कानपुर, लखनऊ और गाजियाबाद सहित उन सभी शहरों में जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है, जहां आनंद कुमार और उनके परिजनों की संपत्तियां हैं। यूपी विंग को भी अलर्ट कर दिया है। आनंद के अलावा एक दर्जन से अधिक अन्य रिश्तेदार अभी भी नोएडा प्राधिकरण में कार्यरत हैं।