‘स्कॉटलैंड’ से चर्चाओं में ज्योति मदनानी सिंह, फिल्म में है सिस्टम द्वारा रेप पीड़िता को कुचलने की कहानी

मुंबई में छोटे छोटे शहरो के लोग बड़ा काम कर रहे हैं | देशभर के विभिन्न राज्यों से जुड़े कई कलाकार और बॉलीवुड से जुड़े लोग फिल्म इंडस्ट्री में अपना एक अहम् स्थान बना चुके हैं | राजस्थान के कोटा की ज्योति मदनानी सिंह उन्ही में से एक हैं | राजस्थान में आजकल वह अपनी नई फिल्म ‘स्कॉटलैंड’ को लेकर चर्चाओं में हैं | शुक्रवार को यह फिल्म प्रतिष्ठित ‘शेमारू मी’ (ओ.टी.टी) प्लैट्फ़ॉर्म पर रिलीज हुई है |

‘स्कॉटलैंड’ में ज्योति मदनानी ने बतौर कॉस्ट्यूम डिजाइनर काम किया है। ज्योति ने बताया कि यह फ़िल्म सत्य घटनाओं से प्रेरित है और इसे दुनिया भर के फ़िल्म फ़ेस्टिवल में सराहा गया है | व्यवस्था दर्पण ने ज्योति मदनानी से वार्ता की । पढ़िए उनसे वार्ता के ये चुनिंदा अंश-

व्यवस्था दर्पण : फ़िल्म ‘स्कॉटलैंड’ में क्या विशेष है? लोग क्यूँ इसे देखें?

ज्योति : ‘स्कॉटलैंड’ सत्य घटना पर आधारित एक सामाजिक फ़िल्म है। आधुनिक समाज में लड़कियों के प्रति बढ़ रहे दुष्कर्म की कहानी है। फ़िल्म में उस हिस्से को उजागर किया गया जिसमें रेप पीड़ित को पक्षपाती सिस्टम द्वारा कुचल दिया जाता है और कैसे एक पिता को मजबूरन क़ानून और व्यवस्था अपने हाथों में लेनी पड़ती है। फ़िल्म में सतर्कता का संदेश है, जो लोगों को जीवन में अपनाना बेहद ज़रूरी है।

व्यवस्था दर्पण : कौन-कौन हैं इस फ़िल्म में? शूटिंग के दौरान कैसा अनुभव रहा?

ज्योति : इस फ़िल्म में चेतन पंडित, दया शंकर पांडेय जैसे दिग्गज कलाकार हैं तो कुछ लंदन के मंज़े हुए कलाकार भी हैं। इन सभी कलाकारों के लिए कॉस्ट्यूम डिजाइन करने का अनुभव बहुत ही अनूठा था। मेरे दिमाग़ में ये बहुत स्पष्ट था की कॉस्ट्यूम इतने वास्तविक लगने चाहिये की वो भी सहजता से कहानी का एक पात्र बन जायें और फ़जूल में दर्शकों का ध्यान आकर्षित ना करें। कलाकारों ने मेरे इस विज़न की सराहना की वरना कई ऐक्टर अच्छे डिज़ाइनर कपड़े पहनने की चाहत में अपने किरदार को भूल जाते हैं और तब निर्देशक और कॉस्ट्यूम डिजाइनर में बेवजह का विवाद छिड़ जाता है।

व्यवस्था दर्पण : बड़े परदे की जगह अब वेब सिरीज़ और सोशल प्लैट्फ़ॉर्म पर कलाकार आ रहे हैं, कैसे अनुभव है ?

ज्योति : मेरे हिसाब से कलाकार तो कलाकार हैं, चाहे वो नुक्कड़ नाटक करें या फ़ीचर फ़िल्म। हर कलाकार के मन में बस यही चाहत होती है उन्हें उनके कला को परदर्शन करने का मौक़ा दिया जाये, उन्हें ढेर सारे दर्शक मिलें और काम का मेहनताना मिले। वेब सिरीज़ इन सभी ज़रूरतों को पूरा करता है। जहाँ तक सोशल प्लैट्फ़ॉर्म का सवाल है, वो नये लोगों के लिए अच्छा है। सोशल प्लैट्फ़ॉर्म के ज़रिये, उनकी कला किसी तक कहीं भी पहुँच सकती है। वो नोटिस किए जा सकते हैं, और उन्हें पेशेवर लोगों के साथ काम करना का मौक़ा मिल सकता है। जो कलाकार पहले से प्रचलित हैं उनके के लिए सोशल प्लैट्फ़ॉर्म अपने दर्शकों के साथ सीधे-सीधे जुड़े रहने का एक ज़रिया है। अपने सभी फ़ैन को एक परिवार मान कार उनके मनोरंजन के लिए वो कुछ-कुछ करते रहते हैं।

क्राइम थ्रिलर शैली में ज्योति मदनानी की यह दूसरी फ़िल्म है। इनकी पहली सूपरहिट फ़िल्म ‘रहस्य’ थी जिसके काम से प्रभावित होकर निर्देशक ने ‘स्कॉटलैंड’ के लिए इन्हे संपर्क किया और कॉस्ट्यूम डिज़ाइन करने का ऑफ़र दिया। ज्योति कहती हैं कि कॉस्ट्यूम डिज़ाइन करते वक़्त मेरे दिमाग़ में ये स्पष्ट था की मुझे फ़िल्म को कपड़े और स्टाइल के ज़रिये एक वास्तविक रूप-रेखा देनी है और सौभाग्य से निर्देशक भी यही चाहते थे। ज्योति ये बताया की जब आप फ़िल्म देखेंगे तो आपको लगेगा की ये सारे पात्र आपके आस-पास के हैं और वैसे ही वेश-भूषा, मेकअप आदि करते हैं।