पत्रकार प्रशांत कन्नौजिया जेल से रिहा, CM योगी पर टिप्पणी के चलते हुए थे गिरफ्तार

लखनऊ । यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में जेल में बंद पत्रकार प्रशांत कनौजिया की जमानत अर्जी बुधवार को अदालत ने मंजूर कर ली। प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने प्रशांत को 20 हजार की दो जमानतें व इतनी ही धनराशि का निजी बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कुछ शर्तों के साथ प्रशांत की जमानत अर्जी मंजूर की। 

उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि अभियुक्त बंधपत्र की शर्तों के मुताबिक हाजिर होगा। अभियुक्त पर जिस अपराध का अभियोग है या संदेह है, उसकी पुनरावृत्ति नहीं करेगा। अभियुक्त इस मामले के तथ्यों से अवगत किसी व्यक्ति को प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से धमकी नहीं देगा। अभियुक्त साक्ष्य नहीं बिगाड़ेगा। 

बीते 08 जून को लखनऊ पुलिस ने प्रशांत कनौजिया को आईपीसी की धारा 500 व 505 (1) (बी) के साथ ही आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। 07 जून को उप निरीक्षक विकास कुमार ने प्रशांत के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक प्रशांत ने ट्विटर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करके उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया।