जियो इंस्टिट्यूट का वजूद ही नहीं #बेहतर प्रदर्शन वाले संस्थान होंगे हतोत्साहित : वामदल

लखनऊ|माकपा ने केन्द्र सरकार द्वारा देश में उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित संस्थानों की सूची में निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस के अभी वजूद में ही नहीं आये संस्थान को शामिल करने की निंदा करते हुये विरोध किया है। माकपा पोलित ब्यूरो ने आज इन संस्थानों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुये कहा कि पहले सरकार ने देश भर से ऐसे 20 शैक्षिक संस्थानों का चयन करने के लिये पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था।
इनमें दस सार्वजनिक क्षेत्र और दस निजी क्षेत्र के संस्थानों को शामिल किया जाना था। पोलित ब्यूरो की ओर से जारी बयान के मुताबिक समिति की अब तक की कार्रवाई को सार्वजनिक किये बिना कल अचानक मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्रतिष्ठित संस्थानों की सूची जारी कर दी। इसमें चयनित संस्थाओं की संख्या घटा कर छह कर दी गयी और इनमें रिलायंस फांउडेशन के जियो इंस्टीट्यूट को भी शामिल किया गया है।

पोलित ब्यूरो ने अभी वजूद में ही नहीं आये इस संसथान को उच्च शिक्षा और शोध के मामले में विश्व स्तरीय प्रतिष्ठित संस्थान की सूची में शामिल करने की निंदा की है। सरकार का यह फैसला उच्च शिक्षा के स्तर को कम करते हुये बेहतहर प्रदर्शन कर रहे संस्थानों को हतोत्साहित करने वाला साबित होगा।