भाईचारा, किसानों-गरीबों के हक की लड़ाई ही हमारी प्राथमिकता, पढ़िए अलीगढ लोकसभा के सबसे युवा प्रत्याशी दीपक चौधरी का बेबाक इंटरव्यू-

देश भर में 2019 लोकसभा के चुनावांे का शोर चरम पर है। 2014 में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आये पीएम मोदी 2019 में सरकार की वापसी के लिए लगातार प्रयासरत है। वहीं कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी सत्ता में वापसी के लिए दिन रात एक किए हुए है। राश्ट्रीय स्तर की राजनीति में मोदी और राहुल के अलावा ममता बनर्जी, मायावती, अखिलेश यादव, चन्द्र बाबू नायडू सहित कई नाम चर्चाओं में है तो वहीं विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों में कुछ नौजवान भी राजनीति की परिभाशा बदलने के लिए आतुर है। देश के सबसे बड़़े राज्य के अलीगढ़ लोकसभा सीट पर यूं तो भाजपा, कांग्रेस और महागठबंधन के प्रत्याशी ताल ठोक रहे है लेकिन शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के सबसे युवा प्रत्याशी दीपक चौधरी की उम्मीदवारी ने चुनाव में टिवस्ट पैदा कर दिया है। भाजपा ने सांसद सतीश गौतम पर दांव खेला है तो वहीं महागठबंधन से डा. अजीत बालियान और कांग्रेस से चौ0 बिजेन्द्र सिंह मैदान में है। कांग्रेस और महागठबधन के प्रत्याशी जाट समुदाय से है। वहीं जाट समुदाय से ही दीपक चौधरी आते है। ऐसा पहली बार है कि जब तीन-तीन जाट प्रत्याशी मैदान में है। दीपक चौधरी अलीगढ़ में किसी परिचय के मौहताज नहीं है। वह पूर्व जिला पंचायत और जिले के कद्दावर नेता तेजवीर सिंह गुड्डू के सुपुत्र है। तेजवीर सिंह गुड्डू की छवि जिले में विकास कराने वाले दबंग नेता की रही है। जाटलैण्ड अलीगढ जिले में उनका अच्छा प्रभाव है तो वहीं मुस्लिम समाज में भी अच्छी पकड़ रखते है। दीपक की उम्मीदवारी ने महागठबंधन और कांग्रेस की बैचेनी बढ़ा दी है।

शिवपाल की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया से चुनावी रण में किस्मत अजमा रहे दीपक चौधरी किसानों और युवाओं के मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे है। धर्म-जाति और नफरत की राजनीति के इस दौर में भी वो छात्रों और युवाओं की बात करते है। मठाधीशो के प्रभाव वाली राजनीति में वंचितो और शोशित तबके की लड़ाई लड़ने के लिए आतुर दिखायी देने वाले दीपक चौधरी को इस बार वोटर्स से उम्मीद है कि मतदाता युवा नेतृत्व पर भरोसा कर दलों और जाति के बंधन को तोड़ कर स्वच्छ राजनीति का इतिहास रचेंगे। अलीगढ़ लोकसभा पर सबसे युवा प्रत्याशी दीपक चौधरी से विभिन्न मुद्दों पर व्यवस्था दर्पण के संपादक जियाउर्ररहमान ने वार्ता की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश –

व्यवस्था दर्पण: आपने राजनीति को क्यों चुना?
दीपक चौधरी : देश का विकास और गरीबों, किसानों, मजदूरों की लड़ाई राजनीति में आकर ही उठायी जा सकती है। आजादी के बाद से पहली बार वर्तमान में देश राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा है। मुद्दों की जगह नेता धर्म और जाति को हवा दे रहे है। जो कि भविश्य के लिए बहुत खतरनाक है। सक्रिय राजनीति में देशहित के लिए युवाओं को आना बहुत जरूरी है। किसानों, नौजवानो के हक की लड़ाई लड़ने के लिए राजनीति को चुना है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि अलीगढ़ की जनता मेरा साथ देगी।

व्यवस्था दर्पण: छात्रों और युवाओं के लिए आपकी क्या प्राथमिकतायें है?
दीपक चौधरी : अलीगढ़ के छात्रों और युवाओं ने 2017 में भाजपा को सात विधायक दिये और उससे पहले दो सांसद। लेकिन किसी ने छात्रों और युवाओं की सबसे बड़ी मांग अलीगढ़ में राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना पर कोई ध्यान नहीं दिया। जबकि भाजपा के विधायकों ने अलीगढ़ में यूनिवर्सिटी बनाने का वायदा किया था। भाजपा और महागठबंधन छात्रों और युवाओं के लिए एक धोखा है। मेरी प्राथमिकता में आगरा यूनिवर्सिटी से मुक्ति दिलाने के लिए अलीगढ़ में राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना है।

व्यवस्था दर्पण: किसानों, महिलाओं और गरीबों के लिए आपकी क्या प्राथमिकतायें ह ै?
दीपक चौधरी : महिला शक्ति – बहनों की सुरक्षा और सम्मान के लिए अलीगढ़ लोकसभा स्तर पर विशेश हैल्प लाइन की स्थापना करूगा और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए विशेश प्रयास करूगा। जिले के किसानों के लिए चीनी मिल सुचारू रूप् से चालू कराना, गन्ने का भुगतान कराना और किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलवाना मेरा मुख्य मुद्दा है। वहीं जिले में ऐसे तमाम लोग है जिन्हें न छत नसीब है और न ही रोटी। ऐसे लोगों के लिए जिला मुख्यालय और प्रत्येक क्षेत्र में खाने और रहने की व्यवस्था कराना मेरी प्राथमिकता में है।

व्यवस्था दर्पण: अलीगढ़ शहर की क्या प्रमुख समस्यायें है, उनका निराकरण कैसे करेंगे?
दीपक चौधरी : नगर निगम अलीगढ़ पर लंबे समय से भाजपा और वर्तमान में बसपा का मेयर है लेकिन इनके पास कोई विजन नहीं है। शहर में सफाई, जल निकासी और जाम की समस्या है।लेकिन भाजपा और बसपा ने इन्हें दूर करने के प्रभावी प्रयास नहीं किए। अलीगढ़ की जनता ने यदि अवसर दिया तो विशेश पैकेज लाकर इन समस्या से निजात दिलाऊगा और अलीगढ़ को आदर्श शहर बनाने का प्रयास करूगा।

व्यवस्था दर्पण: लोगों की शिकायत रहती है कि नेता जीतने के बाद क्षेत्र में दिखाई नहीं देते, आपकी क्या राय है?
दीपक चौधरी : लोगों की शिकायत बहुत हद तक सही है। धन-बल और झूठ-फरेब के जरिए लोग आते है, चुनाव जीतते है और फिर गायब हो जाते है। लोगों की समस्याओं से उनका कोई सारोकार नहीं होता। जो कि गलत है। जनता ही हमारी भगवान है। वो हमें प्रतिनिधित्व देती है। हमें उनके हक की लड़ाई लड़नी चाहिए। इसी व्यवस्था को बदलने के लिए मैं चुनाव में उतरा हू। थाने और तहसील पर लोगों को भ्रश्टाचार मुक्त सेवाये मिले, सम्मान पूर्ण व्यवहार मिले यह मेरी मुख्य प्राथमिकता में है।

व्यवस्था दर्पण: आजलकल चुनाव जीतने के लिए नेता नफरत भरे भाषण देते है, क्या आप भी यह रास्ता अपनायेंगे?
दीपक चौधरी : देखिये, हकीकत यह है कि आजादी के बाद देश को अगर सबसे ज्यादा क्षति किसी ने पहुचायी है तो वह साम्प्रदायिक नेताओं और गंदी राजनीति ने पहुचायी है। युवाओं, किसानों, शिक्षा, रोजगार, सड़क के मुद्दे छोड़़ नफरत भरे भाशण देकर और धर्माध्ंाता फैलाकर नेता चुनाव जीतना चाहते है। जनता को ऐसे लोगों को नकारना होगा। मेरा प्रयास रहेगा कि धर्म और जाति के भेद को खत्म कर सकू और हिंदू मुस्लिम एकता, सदभाव और भाई-चारे के लिए कार्य करू।


व्यवस्था दर्पण : महागठबंधन, भाजपा और कांग्रेस में से आपकी लड़ाई किससे है?
दीपक चौधरी : भाजपा देश में नफरत की आग लगाई है, धर्म की राजनीति को हवा देकर देश के ताने वाने को तोड़ा है। भाजपा विकास की जगह देश का विनाश चाहती है। कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही और उसी के शासन में धर्म और नफरत की राजनीति पल पोस कर बड़ी हुई है। आज जितने भी उन्मादी संगठन है सबको कांग्रेस का संरक्षण मिला । वहीं सपा और बसपा का गठबंधन बहुजन और वंचितों के विकास की जगह खुद के अस्तित्व को बचाये रखने का गठबंधन है। सही मायनो में मायावती और अखिलेश का गठबंधन लोगों को झांसा देकर ठगने का बधन है। तीनो से ही हमारी लड़ाई है। प्रसपा लोहिया के अध्यक्ष श्री शिवपाल यादव समाजवाद के असली वाहक है, समाजवाद के रास्ते पर चलकर ही राष्ट्र का विकास संभव है।

व्यवस्था दर्पण: अलीगढ़ के लोगों को आपका कोई संदेश ?
दीपक चौधरी : अलीगढ़ के लोग जागरूक है। वह सब जानते है। मैं बस यही कहूंगा कि दलों और धर्म – जाति के बंधन से हटकर मुझ जैसे युवा को वोट कर दीजिए। हां, यह जरूर हो सकता है कि संसाधनों के अभाव में मीडिया की सुर्खिया न बन सकू, आपके बीच न आ सकू। लेकिन इतना जरूर है कि अलीगढ़ वासियों का आर्शीवाद यदि मिला तो राजनीति की नई परिभाशा दिखाऊगा।

खैर, अलीगढ के नतीजे क्या होंगे ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन दीपक ने चुनाव को रोचकल बना दिय है | भाजपा, कांग्रेस और महागठबंधन के बीच ताल ठोक कर खड़े प्रसपा के प्रत्याशी दीपक चौधरी सबसे युवा जरूर है लेकिन तीनो ही प्रत्याशियों को खुल कर चैलेंज करते रहे। तमाम राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर उन्होंने बेबाकी से अपनी राय रखी । अंत में चाबी पर वोट देने की अपील कर मुस्कराते हुए विदा किया।