अलीगढ : छह दिसंबर को लेकर हाई अलर्ट, अराजक तत्वों और सोशल मीडिया पर पैनी नजर

अलीगढ | अयोध्या विवाद के फैसले के बाद अब पुलिस-प्रशासन छह दिसंबर को अयोध्या का विवादित ढांचा गिराए जाने की 27वीं वर्षगांठ पर शांति व्यवस्था कायम रखने की कवायद में जुट गया है। मंगलवार को मंडलायुक्त और डीआईजी ने मंडल स्तरीय बैठक कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। जनपद में धारा 144 लागू कर दी गई है। साथ ही उन्होंने अलीगढ़ में हाई अलर्ट घोषित कर पांच और छह दिसंबर को शहर को 25 सेक्टरों में बांटने, अतिरिक्त पुलिस सहित पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती के निर्देश दिए हैं। जरूरत होने पर एक कंपनी अतिरिक्त आरएएफ की मांग की जा सकती है।

कमिश्नर अजयदीप सिंह और डीआईडी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बैठक में कहा कि मिश्रित आबादी वाले महानगर में भारी संख्या में पुलिस, पीएसी, आरएएफ के अलावा 4 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स लगाकर महानगर को 25 सेक्टरों में बांटा जाएगा। ड्रोन कैमरों से निगरानी होगी। शहर भर के 500 के करीब खुराफातियों/असामाजिक तत्वों को सर्विलांस पर रखा गया है। किसी भी तरह का जुलूस, प्रदर्शन, जश्न पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। जिले की सीमाओं और सभी प्रमुख हाईवे पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। किसी को भी गड़बड़ी करने पर सीधे रासुका के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। हर गतिविधि पर एलआईयू को पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी तरह का जुलूस, प्रदर्शन, जशभन पूरी तरह प्रतिबंधित है।

जिले की सीमाओं और सभी प्रमुख हाईवे पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और दो अस्थायी जेल भी बनाई गई हैं। किसी को भी गड़बड़ी करने पर सीधे रासुका के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। शुक्रवार देर रात डीएम-एसएसपी ने कैंप कार्यालय पर अधिकारियों की आपात बैठक बुलाकर तैयारियों की नए सिरे से समीक्षा की और रात भर गश्त जारी रखने, हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। रात में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटलों, सरायों, आउट स्कर्ट, शहर व देहात के मिश्रित आबादी वाले स्थानों, धर्मस्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कमिश्नर-डीआईजी के मुताबिक शहर के मिश्रित आबादी वाले इलाकों के अलावा समूचे शहर में कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा देहात में भी पुख्ता व्यवस्था की गई है। किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वाले से सख्ती से निपटा जाएगा। शहर में अमन बनाए रखें, बस लोगों से यही अपील है। फैसले पर किसी तरह का रिएक्शन न होने पाए इस बात का ध्यान रखें।

सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार किया तो होगा मुकदमा-
डीआईजी के मुताबिक सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार का दुष्प्रचार करने पर सीधे कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की सोशल मीडिया विंग को एक्टिव कर दिया गया है। 500 से अधिक एकाउंटों पर निगाह रखी जा रही है।