गोरखपुर के बाद अब बहराइच के जिला अस्पताल में 45 दिनों में 70 मासूमों की मौत

लखनऊ| अगस्त 2017 में उत्तरप्रदेश के गोरखपुर के बाबा राघवदास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में एक हफ्ते के अंदर 70 से अधिक बच्चों की मौत हुई थी। इन बच्चों की मौत का तात्कालिक कारण ऑक्सीजन की कमी बताया गया था। फिर बाद में बताया गया कि इंसेफेलाइटिस नाम की बीमारी के कारण बच्चों की मौत हुई थी। इस प्रकोप के बाद अब उत्तरप्रदेश के बहराइच जिले से ऐसी ही घटना सामने आयी है। जहां महज 45 दिनों में 70 मासूमों की बहराइच के जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है और 86 लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भर्ती हुए लोगों में कई की हालत नाजुक बताई जा रही हैं। इसमें बच्चों की संख्या ज्यादा है। बताया जा रहा हैं कि बरसात के कारण इन लोगों को वायरल बुखार हुआ है जिसके बाद इसकी हालत खराब होती जा रही है।
ये अस्पताल महज 200 बेड का है जिसमें अब तक 400 से ज्यादा मरीज आ चुकें है। सीएमएस डॉक्टर ओपी पांडेय ने बताया कि अस्पताल में बहराइच ही नहीं श्रावस्ती, गोंडा और बलरामपुर के मरीज आते हैं, जिसके कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि बीते 24 घंटे के दौरान 5 बच्चों की मौत हो चुकी है।इसमें दो बच्चे बर्थ एस्पेसिया से पीड़ित थे, दो बच्चों की दिमागी बुखार से और एक बच्चे की निमोनिया से मौत हुई है। वहीं बीते 24 घंटे में अस्पताल में 86 मरीज भर्ती किए गए हैं, जबकि जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में 40 बेड ही उपलब्ध हैं।मासूमों का इलाज करा रहे परिजन अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि यहां समय पर इलाज नहीं हो रहा है। इन बच्चों के परिजनों को डर है कि कहीं जमीन पर लिटाकर इलाज करने से बच्चों में कोई और इंफेक्शन न हो जाए।